Saturday, April 18, 2026
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दून के कचरा संकट पर फूटा जनाक्रोश, जवाबदेही बढ़ाने को ‘सफाई मित्र’ ऐप लॉन्च

देहरादून, दून शहर में बढ़ते कचरा संकट और प्रबंधन की खामियों को लेकर अब नागरिकों की आवाज़ खुलकर सामने आने लगी है। स्थानीय प्रेस क्लब में सिटीज़न्स फोरम ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कचरा मुक्त और कचरा जलाने से मुक्त शहर की मांग को दोहराते हुए ‘सफाई मित्र’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इस ऐप का उद्देश्य कचरा प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
फोरम, जिसमें 500 से अधिक जागरूक नागरिक शामिल हैं, ने नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती खाई पर नाराज़गी जताई। वक्ताओं ने कहा कि पिछले एक वर्ष में कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन शहर के कई इलाकों में अब भी कचरा उठान में अनियमितता, अनियोजित डंपिंग और खुले में कचरा जलाने की घटनाएं जारी हैं।
पत्रकार वार्ता में फोरम के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि “संवाद तो हुआ है, लेकिन निर्णायक कार्रवाई नहीं।” मेयर संवाद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
जगमोहन मेंदीरत्ता ने बताया कि फोरम एक मजबूत नागरिक नेटवर्क के रूप में उभरा है, जिसमें पूर्व सैनिक, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। रेतु चटर्जी ने कहा कि लगातार प्रयासों के बावजूद धरातल पर सुधार की गति बेहद धीमी है। वहीं, रामना कुमार और नितिन शाह ने प्रशासन के साथ हुए संवाद के बावजूद फॉलो-अप की कमी को बड़ी समस्या बताया।

इसी बीच, कन्वर्जेन्ट डिफेंस फाउंडेशन के सहयोग से लॉन्च किए गए ‘सफाई मित्र’ ऐप को एक सकारात्मक पहल के रूप में पेश किया गया। मेजर रितेश उनियाल और प्रशांत उनियाल ने बताया कि इस ऐप के जरिए नागरिक कचरा जमा होने, समय पर उठान न होने और कचरा जलाने जैसी समस्याओं की शिकायत सीधे दर्ज कर सकते हैं, जो संबंधित विभागों तक स्वतः पहुंचेंगी।
अनुप नौटियाल ने कहा कि यह ऐप सरकारी व्यवस्था का विकल्प नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने नगर निगम के वादों को “बदलते लक्ष्य और अधूरे प्रयास” करार देते हुए जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया।
फोरम ने उम्मीद जताई कि नगर निगम और महापौर इस पहल को सकारात्मक रूप से लेंगे और इसे जनता का विश्वास बहाल करने के अवसर के रूप में देखेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि नागरिक प्रयास, सरकारी जिम्मेदारियों का विकल्प नहीं हो सकते और ठोस प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में भारती जैन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब समय केवल आश्वासनों का नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई का है।
फोरम ने दोहराया कि स्वच्छ और टिकाऊ देहरादून के लिए नागरिकों की भागीदारी के साथ-साथ प्रशासन की जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।
इस मौके पर शंकर दत्त उनियाल, रिंकू सिंह, देवेंद्र कंडपाल, शिशिर प्रशांत, डॉ. सुमीत अरोड़ा, अभिषेक भट्ट, प्रवीण उप्रेती सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

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