विकासनगर(दे.दून), जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कृषि मंत्री गणेश जोशी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए राज्यपाल की चुप्पी को घोर निंदनीय और लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि “गवर्नर साहब! मंत्री गणेश जोशी के भ्रष्टाचार की गूंज आपको क्यों नहीं सुनाई दे रही?”
नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि नगर निगम भूमि खरीद घोटाले के मास्टरमाइंड की भूमिका उजागर हो चुकी है, लेकिन राजभवन इस पर पूरी तरह खामोश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “राजभवन अब जन सरोकारों से कटा ऐशगाह बनकर रह गया है।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि मंत्री गणेश जोशी पर निम्न आरोप पहले से ही हैं :
-उद्यान निदेशक बवेजा को CBI जांच से बचाने हेतु सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करवाई गई।
-कृषि मित्र मेला में घोटाले का आरोप।
-तराई बीज विकास निगम की परिसंपत्तियों की बिक्री में भ्रष्टाचार।
-जैविक खेती और बागवानी योजनाओं में अनियमितता।
-सैन्य धाम निर्माण में घोटाले तथा विदेशी दौरों में सरकारी पैसे की बर्बादी।
-अघोषित संपत्ति—परिजनों/गुर्गों के नाम पर सैकड़ों करोड़ की संपत्ति का आरोप।
नेगी ने दावा किया कि पिछले 5-7 वर्षों में मंत्री के पास अचानक से भारी संपत्ति एकत्र हुई है, जबकि 15-20 साल पहले वे आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में थे l
मोर्चा ने राज्यपाल की भूमिका को लेकर कहा कि राजभवन की उदासीनता प्रदेश को गर्त में धकेल रही है। राजभवन को चाहिए कि वह उक्त मंत्री की अघोषित संपत्तियों की जांच के आदेश दे और भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्षता से कार्यवाही सुनिश्चित करे।
नेगी ने मांग की कि मंत्री को तुरंत मंत्रिमंडल से हटाया जाए और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में विधिवत जांच व मुकदमा दर्ज हो।
राजभवन की निष्क्रियता को लेकर मोर्चा ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि -जनता की अपेक्षाएं जिस संस्था से सबसे अधिक होती हैं, वही संस्था जब चुप्पी साध ले तो लोकतंत्र कमजोर होता है।
-जन संघर्ष मोर्चा राजभवन की इस गैर-जिम्मेदाराना चुप्पी के खिलाफ लानत भेजता है l
पत्रकार वार्ता में मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य भीम सिंह बिष्ट और अतुल हांडा भी उपस्थित रहे।


Recent Comments