Thursday, May 14, 2026
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उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए ‘नो व्हीकल डे’ और ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में ऊर्जा एवं ईंधन बचत को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है, जिससे ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों की कीमतों में वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव अपनाकर राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की गई है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने कई अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है।

 

वर्क फ्रॉम होम और नो व्हीकल डे को बढ़ावा

सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा तथा निजी क्षेत्र में भी “वर्क फ्रॉम होम” को प्रोत्साहित किया जाएगा। सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन बेड़े में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। आम जनता को भी सप्ताह में एक दिन वाहन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 

“एक अधिकारी, एक वाहन” नीति लागू

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, वे एक दिन में अधिकतम एक वाहन का ही उपयोग करेंगे। साथ ही सार्वजनिक परिवहन सेवाओं और बसों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

जल्द आएगी नई पॉलिसी

राज्य में जल्द प्रभावी इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू की जाएगी। नए सरकारी वाहनों की खरीद में 50 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। साथ ही ई वी चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा।

सरकारी विदेश यात्राओं पर नियंत्रण

सरकारी विदेश यात्राओं को सीमित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं “विजिट माई स्टेट ” अभियान के जरिए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। धार्मिक, ग्रामीण, वेलनेस और इको-टूरिज्म सर्किटों का व्यापक प्रचार किया जाएगा।

“मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान

राज्य में “मेरा भारत, मेरा योगदान”

 

जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। “मेड इन स्टेट ” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा तथा सरकारी खरीद में “मेक इन इंडिया ” नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

 

खाद्य तेल की खपत कम करने पर जोर

 

स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में खाद्य तेल के उपयोग की समीक्षा की जाएगी। होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को “लो-ऑयल मेन्यू” अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 

प्राकृतिक खेती और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

किसानों को प्राकृतिक खेती, जीरो बजट फार्मिंग और बायो-इनपुट्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही पीएनजी गैस कनेक्शन, रूफटॉप सोलर और गोबर गैस योजनाओं को मिशन मोड में लागू किया जाएगा।

सरकार ने माइनिंग , सोलर और पावर प्रोजेक्ट की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी 60 दिनों के भीतर प्रस्तावों को मंजूरी देगी।

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