हरिद्वार, हरिद्वार उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सभागार में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में बतौर विशिष्ट अतिथि भाग लेने पहुंची सचिव विदेश मंत्रालय भारत सरकार डा० नीना मल्होत्रा ने भेटवार्ता में कहा कि इस प्रकार के आयोजन से जहां संस्कृत भाषा का व्यापक प्रचार प्रसार होता है। वही लोगों को संस्कृत भाषा को ओर अधिक समझने के अवसर मिलते है। जिससे वह संस्कृत भाषा व इसमें समाहित ज्ञान को जान पाते है।
उन्होंने कहा की इस दो दिवसीय कार्यक्रम मे भारत के अलावा अन्य दस से अधिक देशों से आये शिक्षाविद्व व अन्य विद्वान भाग ले रहे है। यह विदेशों मे भारतीय ज्ञान विशेषकर संस्कृत भाषा के प्रति बढते आकर्षण को दिखाता है।दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन से जो सार निकलेगा वह निश्चय ही दुनिया का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने बताया की भारतीय ज्ञान परम्परा व संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार प्रसार के लिये अग्रसर है । जिसके चलते विगत दिनों कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र मे तीन दिवसीय 10वे अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भी किया गया ।जिसमें गीता का विश्व की 34 भाषाओं मे अनुवाद किया गया।जो निश्चय ही भारतीय ज्ञान परम्परा व भारतीय संस्कृति तथा संस्कृत भाषा के ज्ञान भंडार को विश्व पटल पर पहुंचाने की दिशा मे सार्थक कदम है।जिसका लाभ दुनिया के शिक्षाविद्वो व भाषा विद्वानो को मिलेगा। उन्होंने आयोजन के लिए आयोजक मंडल को शुभकामनाएं दी।



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