Sunday, June 21, 2026
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प्रबंधन से वार्ता विफल, आंदोलन जारी रहेगा….

“प्रबंधन पूर्णतः एकतरफा कार्यवाही कर रहा है, एसोसिएशन के पक्ष को बिल्कुल नहीं सुना जा रहा : पवन रावत”

(एल मोहन लखेड़ा)

देहरादून, ऊर्जा निगम में नियमों एवं माननीय न्यायालय के आदेशों को दरकिनार करते हुए सहायक अभियंताओं की वर्ष 2009 की ज्येष्ठता सूची में वर्ष 2010 के सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं को रखे जाने जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ऊर्जा निगम मुख्यालय पर जारी रहा।
सदस्यों ने प्रबंधन के विरोध जोरदार नारेबाजी की। जिला प्रशासन द्वारा एसोसिएशन के सदस्यों को मुख्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया गया जिससे सभी लोगों द्वारा ऊर्जा भवन के गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया गया एवं धरना दिया गया।
एसोसिएशन के केन्द्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन रावत ने कहा कि प्रबंधन पूर्णतः एकतरफा कार्यवाही कर रहा है, एसोसिएशन के पक्ष को बिल्कुल नहीं सुना जा रहा है, एसोसिएशन की मांग है कि हाईकोर्ट के आदेश के अवहेलना करते हुए जारी की गयी वरिष्ठता सूची को अविलंब निरस्त किया जाए एवं तदनुसार नई सूची तैयार की जाए।उन्होंने सदस्यों से पूर्ववत कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
केन्द्रीय अध्यक्ष रविन्द्र सैनी ने जिला प्रशासन को अवगत कराया कि उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन एक जिम्मेदार एसोसिएशन है जो उपभोक्ता सेवा एवं निगम की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती है। एसोसिएशन का उद्देश्य आम जनमानस को किसी भी प्रकार से परेशान करना नहीं है।एसोसिएशन हमेशा सकारात्मक वार्ता के द्वारा समाधान का पक्षधर रहा है, परन्तु यूपीसीएल के मानव संसाधन विभाग के कुछ चुनिंदा अधिकारियों जिन पर निष्पक्ष रूप से माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए ज्येष्ठता सूची जारी करने की जिम्मेदारी थी उनके द्वारा नियमों के संशोधनों को छुपाते हुए सरकार एवं शासन को भ्रमित करते हुए ज्येष्ठता सूची जारी की गई है।
एसोसिएशन ओर पदोन्नत सहायक अभियंताओं को उनका पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया। पूर्व में 2017, 2018 एवं 2023 में जो ज्येष्ठता सूचियां निगम ने जारी की थी उनमें पदोन्नत सहायक अभियंताओं को उनके सही स्थान पर रखा गया था परन्तु मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कमेटी को सहायक अभियंताओं के प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किये जिसके कारण ही आज एसोसिएशन को बाध्य होकर आंदोलन करना पड़ रहा है इसकी संपूर्ण निगम प्रबंधन की है।
यूपीसीएल में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश को कमेटी से छिपाया और सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं को नियुक्ति से पूर्व विज्ञापन की तिथि से ज्येष्ठता दे दी गई।
“जिला प्रशासन के द्वारा मध्यस्थता में प्रबंध निदेशक यूपीसीएल की अध्यक्षता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों की वार्ता हुई परंतु निगम प्रबंधन हठधर्मिता पर उतारू है और निगम प्रबंधन के एकपक्षीय रवैए के कारण कोई समाधान नहीं निकला। एसोसिएशन का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 जून 2025 से क्रमिक अनशन ऊर्जा भवन मुख्यालय में जारी रहेगा।”
निगम के तानाशाही रवैए के विरोध में एसोसिएशन के कार्यक्रम को विद्युत डिप्लोमा संघ द्वारा भी समर्थन दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर प्राविधिक संघ के अध्यक्ष सुनील मोघा, ऊर्जा कामगार संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष सूर्यप्रकाश पुरोहित द्वारा पत्र भेजकर एसोसिएशन के आंदोलन कार्यक्रम को समर्थन दिया गया।
आज कार्यक्रम में पवन रावत, रेनू जोशी,नवनीत चौहान,सुनील उनियाल,जगपाल सिंह, राहुल अग्रवाल, राजीव खर्कवाल,संजय कुमार,आनंद रावत,विकास चौहान,विजय जैन,गौरव नाथ, शशिकांत, मनोज कंडवाल, अश्वनी, अवनीश कुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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