इनर लाइन की मांग का राज्य सरकार करायेगी परीक्षण : विधायक धामी ने उठाया मुद्दा

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-पंचायत संगठन ने जताया आभार
-क्षेत्रीय सांसद टमटा से संस्तुति पत्र लिखने की मांग
-4 मार्च से प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन के लिए कसी कमर

पिथौरागढ़, चीन सीमा से लगे विकास खंड मुनस्यारी तथा धारचूला में इनर लाइन को शिफ्ट किए जाने की मांग का राज्य सरकार द्वारा परीक्षण कराए जाने से आंदोलनकारी के चेहरे खिल गए है। आंदोलनरत संगठनों ने अब आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है। इस मामले में क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा से भारत के प्रधानमंत्री गृहमंत्री तथा रक्षा मंत्री को अपनी ओर से संस्तुति पत्र भेजे जाने की भी मांग की गई है।
लंबे समय से विकासखंड मुनस्यारी के लाखुरी भेल से इनर लाइन को शिफ्ट कर नौलड़ा करने तथा विकास खंड धारचूला के छियालेख से इनर लाइन को शिफ्ट कर जौलजीबी किए जाने की मांग की जा रही है।
26 फरवरी को जौलजीबी में हुई महापंचायत के बाद 4 मार्च से दोनों विकास खंडों में चरणबद्ध आंदोलन चलाए जाने की घोषणा की गई है। आंदोलनरत संगठनों सरकारीकरण अनुरोध के बाद क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने विधानसभा सत्र के दौरान नियम 58 के तहत इनर लाइन शिफ्ट किए जाने का मामला विधानसभा में उठाया। सरकार की ओर से जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार इस मांग का परीक्षण करवाएगी। परीक्षण के बाद केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक प्रति उत्तर आ जाने के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के संयोजक तथा मुनस्यारी के जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि परीक्षण के समय क्षेत्रीय जनता की राय ली जानी चाहिए। इसके लिए जिलाधिकारी से बात की जाएगी। ताकि परीक्षण में क्षेत्रीय जनता की राय दर्ज हो सके।
उन्होंने कहा कि देशी- विदेशी पर्यटकों की सुविधा तथा सीमा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इनर लाइन का शिफ्ट होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि 4 मार्च को तहसील स्तर पर तथा 7 मार्च को जिला स्तर पर राज्य के मुख्यमंत्री तथा भारत के प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 12 मार्च को मुनस्यारी के नौलड़ा तथा 15 मार्च को धारचूला के जौलजीबी में इस मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद “सीमांत बचाओं यात्रा” निकाली जाएगी।
जिला पंचायत सदस्य मर्तोलिया ने बताया कि क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा को इस मांग के समर्थन में भारत के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री को अपनी ओर से संस्तुति पत्र लिखे जाने के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इस मांग पर तत्काल भारत सरकार को विचार करना चाहिए।
इस मांग के समर्थन में क्षेत्रीय जनता को जागरूक करने के लिए जन अभियान लगातार संचालित किया जाएगा।
पंचायत संगठन ने क्षेत्रीय विधायक तथा राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से इनर लाइन की मांग को बल प्राप्त हुआ है।