Monday, June 22, 2026
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यातायात अव्यवस्था एवं जाम की समस्या को लेकर समाजसेवी जगमोहन मेंहदीरत्ता ने सीएम को लिखा पत्र

देहरादून, जनपद में लगातार बढ़ती यातायात अव्यवस्था एवं जाम की समस्या को लेकर आहत हैं समाजसेवी जगमोहन मेंहदीरत्ता, जिसको लेकर उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर समाधान की अपील की है, अपने पत्र में जगमोहन मेंहदीरत्ता ने लिखा कि मैं एक चिंतित नागरिक एवं समाजसेवी के रूप में आपका ध्यान देहरादून में दिनों-दिन विकराल होती जा रही यातायात जाम की समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। गत दिनों देहरादून से दिल्ली जाने वाले अनेक यात्रियों की उड़ानें छूट गईं। दिल्ली पहुँचकर आगे अन्य शहरों के लिए जाने वाले लोगों की फ्लाइटें और रेलगाड़ियाँ भी छूट गईं। एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए आए लगभग 50 लोगों की दिल्ली से जबलपुर जाने वाली ट्रेन तक छूट गई। 22. 06. 2026 को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि ऐसे सैकड़ों उदाहरण प्रतिदिन देखने को मिल रहे हैं। कल घंटाघर से आशारोड़ी पहुँचने में लोगों को दो घंटे से अधिक समय लगा, जो सामान्य परिस्थितियों में कुछ ही मिनटों का सफर है। आज भी देहरादून आने-जाने वाले हजारों लोग भीषण जाम से जूझ रहे हैं।
मेंहदीरत्ता का आगे कहना है कि यह समस्या अब केवल असुविधा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव, पर्यटन पर प्रतिकूल प्रभाव तथा राज्य की छवि को नुकसान पहुँचाने का कारण बन चुकी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्षों से समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन इसके समाधान हेतु अपेक्षित गंभीरता, दूरदर्शिता और प्रभावी प्रबंधन दिखाई नहीं देता।
पत्र में उन्होंने लिखा कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारों के साथ जवाबदेही भी आवश्यक होती है। यदि लगातार बिगड़ती स्थिति के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने में असफल रहे हैं, तो उनकी जिम्मेदारी तय होना स्वाभाविक है। इसलिए मेरा विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह है कि इस गंभीर प्रशासनिक विफलता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जिन अधिकारियों की लापरवाही, अकर्मण्यता अथवा योजनाहीनता इसके लिए जिम्मेदार पाई जाए, उनसे तत्काल इस्तीफा लिया जाए अथवा उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए, साथ ही देहरादून की यातायात समस्या के स्थायी समाधान हेतु विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिक संगठनों को शामिल करते हुए एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में जनता को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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