पवनदीप, आशिका और सुनीता आर्य बने जरूरतमंदों की ‘आशा की किरण’

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  • शिक्षार्थियों को बांटी जा रही नि:शुल्क पुस्तकें, बैग व स्टेशनरी सामग्री

  • रक्षाबंधन पर आचार्य डॉ. शक्ति प्रसाद सेमवाल को भेंट की गई शील्ड, समाजसेवियों का हुआ सम्मान

उत्तरकाशी/देहरादून। दुर्गम और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए उत्तरकाशी व देहरादून क्षेत्र में समाजसेवा की एक नई मिसाल पेश की जा रही है। समाजसेवी पवनदीप, उनकी पत्नी अंशिका, तथा समाजसेवी आशिका आर्य एवं सुनीता आर्य लगातार आर्थिक रूप से विपन्न बच्चों के लिए ‘आशा की किरण’ बने हुए हैं। इन समाजसेवियों द्वारा विभिन्न राजकीय एवं अन्य विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क बैग, किताबें, कॉपियां, पेन और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में पढ़ाई से वंचित न रहे।

पवनदीप एवं अंशिका बीते लंबे समय से इस मुहिम में जुटे हैं। उनके इस मानवीय प्रयास से कई निर्धन परिवारों के बच्चों को अपनी पढ़ाई सुचारू रखने में बड़ी राहत मिली है। समाजसेवी पवनदीप ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए। यदि किसी बच्चे की आर्थिक तंगी उसकी पढ़ाई के आड़े आ रही है, तो समाज के सक्षम और संपन्न लोगों का यह नैतिक दायित्व बनता है कि वे आगे आकर उनका हाथ थामें।”

आचार्य डॉ. शक्ति प्रसाद सेमवाल का हुआ सम्मान इसी क्रम में देहरादून में आयोजित रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर ‘माँ रेणुका ज्योतिष केंद्र’ के संचालक आचार्य डॉ. शक्ति प्रसाद सेमवाल को अंगवस्त्र एवं उनके नाम की विशेष शील्ड भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

कार्यक्रम के दौरान आचार्य डॉ. शक्ति प्रसाद सेमवाल ने समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहीं श्रीमती आशिका आर्य एवं कुमारी सुनीता आर्य को भी शील्ड देकर सम्मानित किया। गौरतलब है कि दोनों समाजसेवी विगत कई वर्षों से जौनसार एवं गढ़वाल मंडल के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सामग्री बांटकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत कर रही हैं।

दधीचि और कर्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य डॉ. शक्ति प्रसाद सेमवाल ने महर्षि दधीचि एवं दानवीर कर्ण के जीवन मूल्यों का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से समाज के पीड़ित और जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना ही मानवता की सच्ची सेवा है। शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग देकर बच्चों का भविष्य संवारना अत्यंत पवित्र एवं सराहनीय कार्य है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों ने इन समाजसेवियों के निस्वार्थ प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की और भविष्य में भी शिक्षा एवं समाजहित के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।