Wednesday, May 14, 2025
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मनी लॉन्ड्रिंग केस में नवाब मलिक को झटका, SC ने खारिज की जमानत याचिका, 6 मई तक बढ़ाई कस्टडी

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नई दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता नवाब मलिक की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इसके साथ ही नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत 6 मई तक बढ़ाई गई है।

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने इस याचिका में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए मलिक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा कि अंतरिम जमानत की मांग वाली यह याचिका अभी शुरुआती चरण में है। वह इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह सक्षम अदालत के समक्ष गुहार लगा सकते हैं।

मलिक को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान सिब्बल ने दलील दी कि मलिक को 1999 में हुई किसी घटना के लिए 2022 में गिरफ्तार किया गया है।

राकांपा नेता मलिक ने बांबे उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अंतरिम राहत की गुहार लगाई थी, लेकिन वहां उन्हें निराशा हाथ लगी थी। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने 15 मार्च को उनकी याचिका अस्वीकार कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मलिक के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (एमपीएलए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

ईडी ने महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मलिक पर 1999-2005 के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की दिवंगत बहन हसीना पारकर के साथ भूमि सौदे के मद्देनजर आतंकी फंडिंग में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस मामले में निदेशालय ने उनके खिलाफ मुंबई की विशेष अदालत में करीब 5000 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया था।

एनआईआईएफटी में फैशन डिज़ाइन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू

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एनआईआईएफटी डिज़ाइन, प्रबन्धन एवं प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में छात्रों को बेहतर भविष्य देता है- प्रधानाचार्या डॉ0 सिमृता सिंह

देहरादून । एनआईआईएफटी डिज़ाइन, प्रबन्धन एवं प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करता है, जहाँ देश भर से महत्वाकांक्षी विद्यार्थी आकर इसके शिक्षा कार्यक्रमों से लाभान्वित होते हैं। जिसमें नये सत्र में प्रवेश के लिए पंजीकरण की तिथि घोषित करने के लिए संस्थान द्वारा शुक्रवार को राजपुर रोड़ स्थित होटल में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।

प्रेसवार्ता के दौरान एनआईआईएफटी की प्रधानाचार्या डॉ0 सिमृता सिंह ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री एवं उद्योग और वाणिज्य मंत्री पंजाब श्री भगवंत मान जी के गतिशील नेतृत्व और सक्षम मार्गदर्शन में एनआईआईएफटी कार्य कर रहा है। साथ ही श्री दिलीप कुमार, आईएएस, मुख्य सचिव उद्योग एवं वाणिज्य पंजाब सरकार, अध्यक्ष एनआईआईएफटी एवं श्री सिबिन सी निदेशक उद्योग पंजाब एवं महानिदेशक एनआईआईएफटी और सुश्री गीतिका सिंह पीसीएस निदेशक एनआईआईएफटी द्वारा प्रशासित करने के साथ छात्रों के सुनहरे भविष्य के लिए अपना अमूल्य मार्गदर्शन दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एनआईआईएफटी की स्थापना मोहाली में 1995 में पंजाब सरकार के द्वारा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के तहत की गई। साल दर साल यह संस्थान अपने प्रोग्राम में नए पाठ्यक्रमों को शामिल कर रहा है और परिधान उद्योग के साथ इसके लगातार बेहतर संबंध स्थापित हो रहें हैं। फैशन के कारोबार में उद्योग जगत को प्रशिक्षित पेशेवर उपलब्ध कराने के लिए एनआईआईएफटी, मोहाली ने साल 2008 में लुधियाना और 2009 में जालंधर केन्द्रों की स्थापना की।

संस्थान निम्नलिखित पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता हैः-
• 10+2 के बाद फैशन डिज़ाइन में बी. एस. सी.
• 10+2 के बाद टेक्सटाईल डिज़ाइन में बी. एस. सी.
• 10+2 के बाद फैशन डिज़ाइन (निट्स) में बी. एस. सी.
• स्नातक के बाद परिधान विनिर्माण प्रोद्यौगिकी (गारमेन्ट मैनुफैक्चरिंग टेकनोलोजी) में एम. एस. सी.
• स्नातक के बाद फैशन विपणन एवं प्रबन्धन (फैशन मार्केटिंग एण्ड मैनेजमेन्ट) में एम. एस. सी
• स्नातक के बाद फैशन और टेक्सटाइल में एम. डेस.

एनआईआईएफटी की प्रधानाचार्या डॉ0 सिमृता सिंह ने पत्रकारों को बताया कि तीनों केन्द्रों पर सभी स्नातक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों का प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। जिसका आयोजन माह जून, 2022 में होना है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की योग्यता के आधार पर ही स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश दिया जायेगा। प्रधानाचार्या ने कहा कि जालंधर में नए अत्याधुनिक भवन के शुभारंभ के साथ एनआईआईएफटी ने जालंधर में सभी सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले पहले 10 विद्यार्थियों को फीस में छूट की घोषणा की है। जिस के लिए ऑनलाईन पंजीकरण शुरू हो गये हैं एवं आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 23 मई, 2022 है। जिसकी विस्तृत जानकारी वेबसाईट www.niiftindia.com पर उपलब्ध है।

मोहाली, लुधियाना और जालंधर अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से युक्त तीनों परिसर सभी सुविधाओं से लैस है जैसेः डिजिटल क्लासरूम और स्टूडियो, वाई-फाई कैंपस, लाइब्रेरी, रिसोर्स सेंटर, आर्ट स्टूडियो, पूरी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग नवीनतम विशेष डिजाइन सॉफ्टवेयर के साथ मौजूद हैं। .

पत्रकारों को जानकारी देते हुए, जालंधर परिसर की प्रधानाचार्या डॉ. सिमृता सिंह ने बताया कि एनआईआईएफटी फैशन उद्योग की जरूरतों के अनुसार फैशन डिजाइन और वस्त्र प्रौद्योगिकी, परिधान मर्चेंडाइजिंग आदि के क्षेत्र में और अधिक पेशेवर कार्यक्रम, अल्पकालिक प्रमाणपत्र कार्यक्रम, व्यावसायिक कार्यक्रम शुरू करेगा।

एनआईआईएफटी सभी क्षेत्रों जैसे फैशन डिज़ाइन, टेक्सटाईल डिज़ाइन, निटवेअर डिजा़इन एंड टेक्नोलॉजी में स्नातक और गारमेन्ट मैनुफैक्चरिंग टैकनोलोजी, फैशन मार्केटिंग मैनेजमेन्ट में स्नातकोत्तर और फैशन और टेक्सटाइल में एम. डेस. पास होने वाले विद्यार्थियों को लगभग 100 फीसदी प्लेसमेन्ट उपलब्ध कराता है। विद्यार्थियों को कई अग्रणी कम्पनियों जैसे जारा, लाइफस्टाइल, मार्क्स एंड स्पेंसर, कैपसन्स, ट्राइडेंट वर्धमान, ओरिएंट क्राफ्ट, टाइनोर, कैस्केड, ऑक्टेव, अनामिका खन्ना, तरुण तहिलियानी, सत्यपॉल, रितु कुमार, जे जे वलाया, सुनैना खेरा आदि कंपनियों में नौकरियां दी गई हैं।

हमारे फैशन डिज़ाइन के विद्यार्थी ऐसी अंतः विषयी शिक्षा प्राप्त करते हैं जो उन्हें उद्योग जगत की भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती है। दोनों संस्थानों एवं फैकल्टी के सहयोग से सभी विद्यार्थियों को अपने पेशे में कामयाबी हासिल करने का मौका मिलता है।

इससे पूर्व गुरुवार को बल्लूपुर चौक स्थित पहल डिजाईन संस्थान में विश्व पृथ्वी दिवस पर “लोगों को प्रकृति से जोड़ें” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में लगभग 70 छात्रों ने भाग लिया। जिसमें रिशिमा भूटानी प्रथम, शांभवी रतूरी दूसरे व सार्थक सिंह खरोला तृतीय स्थान पर रहे छात्रों को क्रमशः पांच हजार, तीन हजार व दो हजार पुरस्कार के रूप में दिया गया।

प्रैस वार्ता के दौरान पहल संस्थान देहरादून के निदेशक विजय ठाकुर, एनआईआईएफटी के असिस्टेंट प्रो0 श्री अजय सिंह और श्री राजिंदर शर्मा मौजूद थे।

बस में म्यूजिक सिस्टम लगा पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी

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देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम ने रोडवेज बसों में म्यूजिक सिस्टम पर सख्त रोक लगा दी है। इस संबंध में निगम मुख्यालय ने सभी डिपो के सहायक महाप्रबंधकों, मंडल प्रबंधकों को पत्र भेजा है। किसी भी बस में म्यूजिक सिस्टम लगा पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन निगम की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, रोडवेज बसों में म्यूजिक सिस्टम लगा होने की वजह से यात्रियों को बस से उतरते समय बस रुकवाने के लिए काफी परेशानी होती है। ड्राइवर और कंडक्टर को यात्रियों का अनुरोध सुनाई ही नहीं देता। यात्रा के दौरान यात्री को मोबाइल के इस्तेमाल में भी परेशानी पेश आती है। निगम ने यह भी माना है कि म्यूजिक सिस्टम लगा होने से ड्राइवर-कंडक्टरों का ध्यान यात्रियों को बैठाने पर कम रहता है।
कई ड्राइवर और कंडक्टर ईयर फोन लगाकर भी म्यूजिक सुनते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। इन सभी पहलुओं को देखते हुए म्यूजिक सिस्टम या ईयर फोन से म्यूजिक सुनने पर सख्त रोक लगाई गई है। परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन एवं तकनीकी दीपक जैन ने कहा कि 27 दिसंबर 2016 और इसके बाद से वैसे कई बार पत्र भेजकर म्यूजिक सिस्टम पर रोक की जानकारी दी गई है, लेकिन आधिकारिक स्तर पर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह डिपो निरीक्षण, रोड पर चेकिंग के दौरान इसका सख्त संज्ञान लें। अपने डिपो के सभी उप अधिकारियों जैसे फोरमैन, स्टेशन प्रभारियों और समयपाल को भी ड्राइवर-कंडक्टरों को इस संबंध में निर्देश देने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस दिशा में तत्काल सख्त रोक लगाई जाए।

उत्तराखण्ड में इन लोगो को मिलेंगे हर साल तीन रसोई गैस सिलेंडर फ्री: रेखा आर्य 

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देहरादून।  कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने गुरुवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गरीब वर्ग की महिलाओं को अंत्योदय योजना के तहत हर साल तीन रसोई गैस सिलेंडर फ्री उपलब्ध करवाए जाएं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने इस योजना के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ताकि जल्द ही इसका ड्राफ्ट तैयार कर कैबिनेट की बैठक में लाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पहाड़ी जनपदों में महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए सबसे ज्यादा दिक्कतें होती हैं। इसके लिए सिस्टम को और दुरस्त कर आम व्यक्ति को राहत दी जाए।  इसके अलावा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राशन कार्ड धारकों और राशन विक्रेताओं की समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण हो सके, इसके लिए एक सिस्टम तैयार किया जाए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को इस बात पर विशेष जोर देने को कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और राज्य खाद्य योजनाओं की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि वो इसका लाभ भी उठा सके। विभाग का प्रयास ये होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति केंद्र और प्रदेश सरकार की इन लाभान्वित योजनाओं से वंचित न रहे। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब प्रदेश सरकार की ओर से सस्ता गल्ला की दुकानों में गेहूं, चावल और चीनी के साथ फोर्टिफाइड नमक और अन्य खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए भी अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य की सभी राशन की दुकानों को सीएससी सेंटर्स के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए। वहीं बाट-माप-तोल विभाग को निर्देशित किया कि उवभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान मौके पर किया जाए और अधिकारियों को सख्त निर्देशित किया कि अपने कार्यालयों में समय पर आएं।

राष्ट्रीय जनसम्पर्क दिवस के कार्यक्रम में पहुंचे कृषि मंत्री ने कहा जनसम्पर्क एवं पब्लिक रिलेशन आज के समय की सबसे बड़ी ताकत

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देहरादून,  ’’राष्ट्रीय जनसम्पर्क दिवस’’ के अवसर पर आज पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के देहादून चेप्टर द्वारा सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर उपस्थित रहे। पीएसआरआई सदस्यों द्वारा मंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा सॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री को जल्दी जाना था। जल्दी जाने की वजह बताते हुए मंत्री ने कहा कि ‘‘मैं तो फौजी हूं मैं समय का बहुत पाबंद हूं, मुझे पहले कार्यक्रम का समय 5ः30बजे का बताया गया था। जैसे ही मैं निकलने को हुआ तो मुझे बताया गया कि आयोजकों का फोन आया है कि आप 6ः30 बजे तक आना। आप लोग नेताओं को कार्यक्रम में आने का दोषी करार देते हैं पर यहां मैं दोषी नहीं हूं। इस पर सभी लोग जोरों से ठहाके मार कर हंसने लगे।

इसके बाद शुरू हुए अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि व्यापक जनता के बीच सही सूचनाओं का प्रसार एवं भ्रामक सूचनाओं तथा अफवाहों को काउंटर किया जाना अत्यधिक महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारी भरा कार्य है। मैं चाहूंगा कि पीआरएसआई से जुड़े सदस्यगण, जनसम्पर्क के क्षेत्र में आने वाले समस्त जनों के बीच सरकार की जनपक्षधर योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार अवश्य करें। विशेषतौर से कृषि एवं बागवानी विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को पर्वतीय क्षेत्रों में प्रचारित – प्रसारित करने का विशेष अभियान संचालित करें। ताकि हम सभी मिल कर कृषि तथा बागवानी के अत्यधिक संभावनाशील क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए रास्ते खोल कर राज्य के गावों से हो रहे पलायन पर प्रभावी लगाम लगा सकें।

कृषि मंत्री ने पीआरएसआई के सभी उपस्थित सदस्यगणां, पदाधिकारियों को राष्ट्रीय जन सम्पर्क दिवस की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा की इस वक्त हर स्तर पर आपसी विश्वास और सौहार्द विलुप्त सा होता जा रहा है। इस चुनौती के दौर में जन सम्पर्क एक बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकता है। आप सभी जन सम्पर्क से जुड़े साथियों का मैं आज आह्वान करता हूँ कि आप अपने कौशल का उपयोग करें और विश्व को एक नई दिशा और चेतना दें। उन्होंने कहा कि व्यापक जनता के बीच सही सूचनाओं का प्रसार एवं भ्रामक सूचनाओं तथा अफवाहों को काउंटर किया जाना अत्यधिक महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारी भरा कार्य है। मैं चाहूंगा कि पीआरएसआई से जुड़े सदस्यगण, जनसम्पर्क के क्षेत्र में आने वाले समस्त जनों के बीच सरकार की जनपक्षधर योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार अवश्य करें। विशेषतौर से कृषि एवं बागवानी विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को पर्वतीय क्षेत्रों में प्रचारित – प्रसारित करने का विशेष अभियान संचालित करें। ताकि हम सभी मिल कर कृषि तथा बागवानी के अत्यधिक संभावनाशील क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए रास्ते खोल कर राज्य के गावों से हो रहे पलायन पर प्रभावी लगाम लगा सकें।

कृषि मंत्री ने पीआरएसआई के द्वारा मॉस कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों के लिए पिछले वर्ष प्रशिक्षण शिविर के आयोजन, नई शिक्षा नीति के प्रचार-प्रसार में पीआरएसआई द्वारा किए गए कार्य और वगत दो वर्ष के दौरान कोरोना जागरूकता अभियान चलाने के लिए तथा ”विजयी भारत“ अभियान के अंतर्गत कोरोना पर भारत की सफल विजय की आशा के साथ आने वाले समय में सभी मानकों से भारत को विश्व का सबसे अग्रणी देश बनाने के प्रति एक नई जागृति और स्फूर्ति जगाने के सराहनीय प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मैं आशा करूंगा कि अगली बार जब पीआरएसआई के कार्यक्रम में आउं तो मैं पीआरएसआई के प्रभाव से उपजी सक्सेज स्टोरीज को लोकार्पित करूं।

इस अवसर पर पीआरएसआई के चेयरमैन अमित पोखरियाल, सचिव अनिल सती, सुरेश भट्ट, राजेन्द्र डोभाल, डा0 महेश कुड़ियाल, पूर्व मुख्यसचिव एवं ग्राफिक एरा के कुलपति एस जयशंकर, नितिन उपाध्याय, ज्योति नेगी आदि उपस्थित रहे।

पहली बार गुजरात पहुंचे ब्रिटिश पीएम जॉनसन, साबरमती आश्रम में चलाया चरखा

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भारत के दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने गुजरात के साबरमती आश्रम में चरखा चलाया और इस दौरान महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी. बोरिस जॉनसन उसी देश के प्रधानमंत्री हैं, जिसने भारत पर लगभग 200 वर्षों तक शासन किया और जिस साबरमती आश्रम में उन्होंने ढेर सारी तस्वीरें खिंचवाई, वो साबरमती आश्रम स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान अंग्रेजी सरकार के खिलाफ विद्रोह का केन्द्र हुआ करता था. बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने अपनी भारत यात्रा के दौरान महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम का दौरा किया है. इसके अलावा वो वर्ष 1947 यानी भारत की आजादी के बाद गुजरात आने वाले ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए हैं. महात्मा गांधी भी गुजराती थे और उनका जन्म गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. इसलिए बोरिस जॉनसन ने साबरमती आश्रम की Visitor’s Book में महात्मा गांधी के लिए एक खास संदेश भी लिखा. उन्होंने लिखा कि ‘महात्मा गांधी जैसे असाधारण इंसान के आश्रम में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है और उन्होंने यहां आकर ये समझा कि कैसे गांधीजी ने सच्चाई के साधारण सिद्धांतों और अहिंसा का इस्तेमाल दुनिया को बेहतर बनाने के लिए किया.’ इसके अलावा उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा को हार पहनाते हुए एक ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वो भी बाकी लोगों की तरह साबरमती आश्रम जाकर खुद को गौरांवित महसूस कर रहे हैं. इस समय जब दुनिया में तनाव बना हुआ है, तब शांति को लेकर गांधी जी के विचार इतिहास की दिशा को बदल सकते हैं. बोरिस जॉनसन उसी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हैं, जो एक समय महात्मा गांधी और उनके चरखे से काफी नफरत करता था. ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Winston Churchill (विंस्टन चर्चिल) ने एक बार गांधीजी को Half Naked Fakir बता दिया था. जिसका हिन्दी में अर्थ होता है, एक ऐसा फकीर, जिसके आधे शरीर पर वस्त्र नहीं है. असल में Winston Churchill ऐसा कह कर गांधी जी और उनके चरखे का मजाक उड़ा रहे थे. इसके अलावा विंस्टन चर्चिल ने 1943 में भारतीयों की तुलना से जानवरों से की थी. उस समय संयुक्त बंगाल में अकाल पड़ा हुआ था और विंस्टन चर्चिल ये कह रहे थे कि भारत के लिए कोई भी मदद नाकाफी होगी क्योंकि भारतीय खरगोश की तरह बच्चे पैदा करते हैं. लेकिन बोरिस जॉनसन आज इसी भारत में आकर अपने आप को भाग्यशाली और गौरवांवित महसूस कर रहे हैं. ये समय का चक्र है, जो ब्रिटेन को उसका असली चरित्र दिखा रहा है. बोरिस जॉनसन ने साबरमती आश्रम में जिस चरखे के साथ तस्वीर खिंचवाई, उसी चरखे से स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान ब्रिटिश सरकार काफी नफरत करती थी. वैसे इस चरखे की कहानी, गुजरात के साबरमती आश्रम से ही शुरू होती है. दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद महात्मा गांधी ने अपने पहले आश्रम की स्थापना 25 मई 1915 को थी और ये आश्रम अहमदाबाद के कोचराब में था और ये आश्रम क्षेत्रफल में भी ज्यादा बड़ा नहीं था, जिसकी वजह से महात्मा गांधी वहां पशुपालन और किसानी नहीं कर पा रहे थे.

नशीला पदार्थ खिलाकर किया दुष्कर्म, स्टेशन पर पुलिस को बेसुध हालत में मिली युवती

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ऋषिकेश, तीर्थ नगरी में जहां लोग अपने जीवन के कष्टों के निवारण और प्रभु की ईश वन्दना करने के लिये गंगातट पर आते हैं,वहीं कुछ ऐसे भी दुष्ट है जो इस देवतुल्य नगरी को बदनाम करने में पीछे नहीं हैं, ऐसी ही एक शर्मनाक घटना ऋषिकेश बीते दिन घटित हुई, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।

यहां वीरभद्र रेलवे स्टेशन पर 23 साल की एक लड़की बेसुध हालत में मिली। जिसे जीआरपी और आरपीएफ ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। युवती ने एक बाबा पर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।
पुलिस पूछताछ में लड़की ने बताया कि वो रामपुर ,उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। एक महीने पहले वो मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरी में आई थी। रात के वक्त उसने वीरभद्र रेलवे स्टेशन के पास एक ढाबे में खाना खाया था, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। तभी एक बाबा ने उसकी मदद की और उसे लेकर रेलवे स्टेशन की ओर आ गया। पीड़ित लड़की का कहना है कि यहां बाबा ने नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी मंगलवार को वो रेलवे स्टेशन पर बेसुध हालत में मिली। स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना जीआरपी और रेलवे पुलिस फोर्स के जवानों को दी। जिसके बाद युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला है कि दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती पहले भी दवा लेने के लिए सरकारी अस्पताल में आ चुकी है। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने दूरभाष में युवती के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात कही है। फिलहाल पुलिस युवती के परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। उनके पहुंचने के बाद पीड़ित युवती का मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा। परिजनों से बातचीत कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस हर पहलू को मद्देनजर रखते हुए जांच में जुटी है। सुरक्षा के मद्देनजर महिला पुलिस को पीड़ित के वार्ड में तैनात किया गया है।

सामुदायिक केन्द्र को ओएनजीसी ने कंपोनेन्ट प्लान के तहत भेंट की साउंड सिस्टम के साथ सौ कुर्सियां

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देहरादून, सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में सार्थक कार्य कर रही देश की नवरत्न कंपनी ओएनजीसी ने दून के करनपुर स्थित वाल्मीकि समाज के सामुदायिक केन्द्र को 100 कुर्सियां के साथ एक साउंड सिस्टम प्रदान किया गया। एक सादे समारोह में यह सामान ओएनजीसी कंपोनेंट योजना के कमेटी सदस्य सुरेन्द्र सिंह कटारिया और एसटी/ एससी एसोसिएशन के सचिव रनवीर सिंह तोमर ने नंदा फाउंडेशन के सहयोग से प्रदान किया। इस अवसर पर श्री कटारिया ने अपने संबोधन में बताया कि ओएनजीसी देश के नवरत्नों में से एक है और सामाजिक दायित्व के तहत सीएसआर फंड से हर वर्ष 300 करोड रुपए इस तरह के सहायता कार्यों में खर्च करता है जिसमें से उत्तराखंड के एससी एसटी समुदाय के लिए ₹58 लाख का बजट है और आज करीब एक लाख का यह सामान सामुदायिक केंद्र को प्रदान किया जा रहा है | सचिव रनवीर सिंह ने कहा कि देश में पिछले 2 वर्षों से कोरोना के वजह से इस तरह के सामाजिक कार्यों को नहीं किया जा सका, जिस कारण से यह सहयोग करने में विलंब हुआ, आगे भी प्रबंध समिति चाहेगी तो उनको सहयोग दिया जाएगा ।

इंटेलिजेंस मीडिया एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार गोपाल सिंघल ने अपने संबोधन में ओएनजीसी का धन्यवाद करते हुए सामुदायिक केंद्र की खस्ता हालत को सुधारने के लिए और वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया । इस अवसर पर नंदा फाउंडेशन की सचिव नीलम ढौंडियाल और वाल्मीकी समाज ने ओएनजीसी के अधिकारियों एवं अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर उनका सम्मान किया। इस इस अवसर पर धर्मचंद्र, जुगराज, सुशीला चौधरी,किरन सिंह, बबलू, पत्रकार बॉबी शर्मा, प्रदीप, मनोज ,आशीष आदि अनेक पदाधिकारी मौजूद थे |

सीएम पुष्‍कर सिंह धामी ने दी 400वें प्रकाश पर्व की बधाई

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उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर साहेब जी के 400 वें प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर वीरता और साहस के प्रतीक थे। मानवता और धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने बलिदान दिया था।

उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर के त्याग को देश कभी नहीं भुला पाएगा। उन्हें हिंद दी चादर कहा जाता है। उन्होंने धार्मिक, सांस्कृतिक, वैचारिक स्वतंत्रता के साथ निर्भयता से जीवन जीने का मंत्र भी दिया था।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को गुरु तेग बहादुर साहेब का चित्र भेंट किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक मदन कौशिक, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, विधायक खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, उत्तराखंड सिख विकास परिषद् के अध्यक्ष बलजीत सिंह सोनी, गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरुबख्श सिंह, रेसकोर्स गुरुद्वारा के अध्यक्ष बलवीर सिंह, नानकसर गुरुद्वारा के अध्यक्ष सतनाम सिंह, पटेल नगर गुरुद्वारा के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, गुलजार सिंह, राकेश चुघ, गुरुप्रीत जोली, रविंद्र आनंद, मनप्रीत, सुरेंद्र व अन्य गुरुद्वारों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

दर्दनाक हादसा: स्कूल बस की खिड़की से छात्र ने बाहर निकाला सिर, खंभे से टकराकर गई जान

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गाजियाबाद : जनपद में बुधवार को हुए एक हादसे में स्कूल बस की खिड़की से बाहर सिर निकाल कर देख रहे तीसरी कक्षा के 10 वर्षीय एक छात्र का सिर बिजली के खंभे से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई. जिला अधिकारी आर. के. सिंह ने बताया कि मोदीनगर क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा का एक छात्र स्कूल बस की खिड़की से सिर निकालकर बाहर देख रहा था. इसी दौरान बस जब स्कूल के अंदर दाखिल होने के लिए मुड़ रही थी तभी छात्र का सिर बिजली के खंभे से टकरा गया. उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उन्होंने बताया कि बस में मौजूद एक शिक्षक ने उन्हें बताया कि उस बच्चे की तबीयत ठीक नहीं थी. बहरहाल, स्कूल बस को जब्त करके उसके चालक तथा कंडक्टर को हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने बताया कि हादसे में मृत बच्चे के परिजन ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. उनकी तहरीर पर स्कूल प्रबंधन के दो लोगों तथा बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की जांच की जा रही है.

जिला प्रशासन ने बस का सुरक्षा ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस सिलसिले में रिपोर्ट मांगी है. मोदीनगर के उप जिला अधिकारी को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं.