ग्राम पंचायतों के समुचित विकास के लिए एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन

टिहरी, जनपद टिहरी की ग्राम पंचायतों के समुचित विकास हेत विकास भवन सभागार नई टिहरी में मुख्य विकास अधिकारी नमामि बंसल की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारियों एवं प्रधान गणों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. प्रकाश रावत एवं जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत की परिस्थिति के अनुरूप लम्बे समय तक चलने वाली ऐसी योजनाएं जिसमें अधिक से अधिक लोग जुड़कर आजीविका प्राप्त कर सकें, को चिन्ह्ति कर प्रोजेक्ट के रूप में शीघ्र उपलब्ध करायें। किसी स्वयं सहायता समूह द्वारा अगर अच्छा कार्य किया जा रहा है, तो महात्मा गांधी नरेगान्तर्गत रेखीय विभागों के साथ कन्वर्जेंन्स में अन्य बेहत्तर कार्य कर और अधिक लोगो को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है और इसके लिए हमारे पास विजन होना चाहिए ताकि उनको जानकारी उपलब्ध करा सकें। अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि आपसी समन्वय से कार्य करें और कोई भी समस्या, जानकारी या सुझाव को शेयर कर सकते हैंं। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना आउटपुट बेस हो और ब्लॉक स्तर से उसका धरातलीय निरीक्षण भी कर लिया जाय। कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास हेतु जो धनराशि उपलब्ध करायी जाती है, उसमें यह देखा जाये कि कम संसाधनों में कैसे बेहत्तर कार्य किये जा सकते हैं, इसके लिए जरूरत है तो एक अच्छे लीडरशिप की। यदि किसी गांव की योजना स्वच्छता पर आधारित है, तो स्वच्छता के साथ-साथ उसका सौन्दर्यीकरण इस तरह हो कि टूरिस्ट को आकर्षित कर सके। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रत्येक जनपद में अमृत सरोवर योजना के तहत 75 तलाबों का निर्माण/पुर्नद्धार किया जाना है, इसके तहत कार्ययोजना उपलब्ध करा सकते हैं। टूरिस्ट स्पोट्स को विकसित कर सकते हैं, रोड़ साइड पर वृक्षारोपण कर सकते हैं, कहा कि यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को चुनौतियों के रूप में लेकर अवसर में तब्दील करें। उन्होंने कहा कि अगली कार्यशाला में योजनाओं से संबंधित फोटोग्राफ्स् भी साथ लायें।

पीडी डीआरडीए ने ग्राम्य विकास की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास में ग्राम्य विकास का मुख्य सहयोग होता है। उनके द्वारा स्मार्ट पंचायत, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, ई-पंचायत मैनजमेंट सिस्टम आदि की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि टैक्नोलॉजी के माध्यम से ग्राम पंचायत के विकास को गति मिलेगी। जिला विकास अधिकारी ने कहा कि विकास एक सतत् प्रक्रिया है और ग्राम प्रधानों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कि अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि आपसी समन्वय से सकारात्मक सोच के साथ अपने-अपने दृष्टिकोण के अनुसार कार्य करें। बताया कि अमृत सरोवर योजना के अन्तर्गत नोडल अधिकारी नामित कर दिये गये हैं, जो कम्यूनिकेशन गेप को देखेंगे। कहा कि आजीविका संवर्द्धन एवं महिला सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने प्रेरणास्रोत सक्सेस स्टोरी का प्रस्तुतीकरण कर जानकारी उपलब्ध करायी।

कार्याशाला में बीडीओ प्रतापनगर शाकिर हुसैन, कीर्तिनगर सुमन लता, जौनपुर शकुंतला शाह, भिलंगना सतीश बडोनी, नरेन्द्रनगर जयेन्द्र सिंह राणा, चम्बा देवकीनन्दन बडोला, देवप्रयाग आशा देवी, थौलधार दुर्गा प्रसाद थपलियाल, ग्राम प्रधान मंगसू दीपिका देवी, मढ़ी सरिता शाह, कंगसाली अरविन्द सिंह, सेम राहुल राणा, पुजारगांव अंकित भट्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी, ग्राम प्रधान मौजूद रहे।