Monday, June 24, 2024
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जागर संरक्षण दिवस पर डीजीपी समेत 4 को डांडी कांठी रत्न और 11 लोगों को मिला राज्य वाद्य यंत्र सम्मान

देहरादून, सामाजिक सरोकार से जुड़ी संस्था “डांडी-कांठी क्लब” ने जागर संरक्षण दिवस का आयोजन नगर निगम प्रेक्षागृह में किया । यह सामाजिक संस्था पिछले कई सालों से लोककला और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को बढ़ावा देने में जुटी हुई है। मध्य हिमालयी संस्कृति के सरोकारों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए समर्पित सामाजिक संस्था विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जागर, पवाड़े, लोकगीतों, लोकवाद्यों एवं विलुप्त होती विधाओं को संरक्षित करने के संकल्प के साथ रविवार को छठवां “जागर संरक्षण दिवस” मनाया। जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से अलग-अलग विधाओं में 06 पांरगत श्रेष्ठ विभूतियों एवं 5 ढ़ोलियों सहित कुल 11 विभूतियों को “राज्य वाद्य यंत्र सम्मान-2023” और अपने पद क्षेत्र में विशिष्ट योगदान दे रहे चार अधिकारियों को “डांड़ी कांठी रत्न-2023” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण हुड़की थाली के जागर की प्रस्तुति रही जिसमें अजीत धामी, वीरेंद्र नेगी राही, रोशनलाल नेत्रहीन, खन्ता मिस्त्री ने जागर गीत गाए। वहीं नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भरतवाण, मीना राणा, धनराज शौर्य और विवेक नौटियाल ने खूबसूरत प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, महापौर देहरादून सुनील उनियाल गामा, रविंद्र जुगरान वरिष्ठ आंदोलनकारी मौजूद रहे।

 

इन 11 विभूतियों को “राज्य वाद्य यंत्र सम्मान-2023”

1- डॉ. महेश कुड़ियाल, वरिष्ठ न्यूरो सर्जन
2- श्रीमती रेखा घस्माना उनियाल, वरिष्ठ लोकगायिका
3- श्री वीरेंद्र सिंह “राही”, गायक एवं संगीतकार
4- श्री सोहन चौहान, उत्तराखंडी फिल्म निर्देशक
5- श्रीमती शारदा ध्यानी, कथक नृत्यांगना
6- श्री ज्योति प्रसाद सेमवाल, पारंपरिक भोज
7- श्री गिरीश चोडियाटा, ढ़ोलवादक
8- श्री अब्बल दास, ढ़ोलवादक
9- श्री नत्थी दार धिरमोली, ढ़ोलवादक
10- श्री केम चंद, ढ़ोलवादक
11- श्री खन्तू मिस्त्री पुजारी, पारंपरिक जागरी

इन अधिकारियों को मिला “डांड़ी कांठी रत्न-2023”

1- श्री अशोक कुमार (आईपीएस), महानिदेशक उत्तराखंड पुलिस
2- इं. निलिमा गर्ग, मुख्य महाप्रबंधक, उत्तराखंड जल संस्थान
3- इं. सुरेश चंद्र पंत, प्रबंध निदेशक, उत्तराखंड पेयजल निगम
4- सुश्री बीना भट्ट, निदेशक, संस्कृति विभाग उत्तराखंड

 

सीएम धामी ने स्वच्छता सेवा पखवाड़ा-2023 का किया शुभारंभ, 15 ग्राम पंचायतें हुई सम्मानित

मुख्यमंत्री धामी ने स्वच्छता सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ किया, 15 ग्राम पचायतों  को किया सम्मानित | RajKaj Live
देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा-2023 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ‘स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2023’ से मुख्यमंत्री ने 15 ग्राम पचायतों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले 05 पर्यावरण मित्रों को भी सम्मानित किया। ‘स्वच्छता ही सेवा गीत’ का भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विमोचन किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण-2023 पुरस्कार के लिए चयनित राज्य की उत्कृष्ट 15 पंचायतों को सम्मानित होने पर शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के इस महा अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाली सभी पंचायतों और स्वच्छता दूतों के वे आभारी हैं, जिनकी संकल्प शक्ति और प्रयासों ने राज्य में स्वच्छता का एक नया अध्याय लिखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता दूत ही स्वच्छता अभियान की धुरी हैं और जो सम्मान राज्य ने प्राप्त किया है वो इनके बिना असंभव था। भारतीय संस्कृति और दर्शन में स्वच्छता हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। ये हमारे मूल्यों और संस्कारों का अभिन्न अंग हैं |

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे स्वच्छ भारत मिशन की वजह से देश स्वच्छता के प्रति, पुनः जागृत हुआ है। स्वच्छता के इस महा अभियान की सफलता की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। जब सरकार के प्रयासों में जन भागीदारी जुड़ती है तो उन प्रयासों की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि धार्मिक, पौराणिक भूमि है। इस भूमि के कण-कण में देवताओं का वास है और देवता वहीं वास करते हैं जहां स्वच्छता होती है। वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर आज उत्तराखंड ने एक नया स्थान अर्जित किया है। स्वच्छता और पर्यटन का आपस में गहरा संबंध है, जहां स्वच्छता होती है वहां पर्यटन में भी वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक ’’स्वच्छता ही सेवा’’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कचरा मुक्त भारत के भाव को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किये जाने हेतु राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि देवभूमि के समग्र स्वच्छता के इस महा अभियान में समस्त पंचायत प्रतिनिधि, समुदाय स्तरीय संगठन, स्वयं सेवी संगठन एवं समस्त नागरिक अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा पिछले वर्षों की भांति अभियान को सफल बनायेंगे।

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