‘जड़ी बूटी दिवस’ के रूप में मनाया आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिन

हरिद्वार 04 अगस्त (कुल भूषण शर्मा) पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति व पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिन जडी बूटी दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर इस वर्ष कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु पतंजलि द्वारा पूरे देश में 1 करोड़ औषधीय पौधे विशेष रूप से गिलोय रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है। तथा इसकी षुरूवात योगगुरू स्वामी रामदेव महाराज व आचार्य बालकृश्ण ने इस पौधे का रोपण कर की इस मौके पर योगगुरू स्वामी रामदेव महाराज ने कहा कि आर्चाय बालकृश्ण का तेजस्वी जीवन हम सबकी प्रेरणा है उनका जन्मदिवस पूर्ण पुरूशार्थ व परमार्थ का प्रतीक है। उन्होने कहा कि हम जो षास्त्रों में पढते है उसकी जीवंत अभिव्यक्ति का संकल्प है आचार्य बालकृश्ण उन्होने कहा कि सभी वेदो धर्म अध्यात्म संस्कृति श्रुति स्मृतियो साधना के सूत्र मंत्र ष्लोक व ऋचाओ का व्यवहारिक जीवन्त मूर्त रूप अभिव्यक्त होता दिखायी देता है।।अभी तक लगभग 70 प्रमाणित ग्रन्थो का प्रकाषन आचार्य बालकृश्ण के दिषा निर्देषन में किया जा चुका है।।स्वामी रामदेव ने कहा कि जल्द ही आचार्य बालकृश्ण के जीवन चरित्र को लोकार्पित किया जायेगा।

इस मौके पर आचार्य बालकृश्ण ने कहा कि जन्मदिन तो मात्र बहाना है हमें इस दिन अपने सेवा कार्यो का रिर्पोट कार्ड समाज के सामने प्रस्तुत करना होता है। उन्होने कहा कि श्रवण मास में पैदा होने का कोई तो प्रयोजन होगा क्योकि जडी बूटिया भी तो श्रवण मास में ही लगाई जाती है। उन्होने कहा कि कोरोना काल में हमारे संगठन के मुख्य केन्द्रीय प्रभारीगणों के निर्देषन में प्रदेष में करीब एक लाख गिलोय रोपित किये जा रहे है उन्होने कहा कि गिलोय कोरोना संक्रमण से बचाव में अतिलाभकारी है। तथा कोरोनिल कोरोना के प्रिवेंषन तथा उसके मेंनेजमेंट में महत्वपूर्ण औशधि है। इस मौके पर आचार्य बालकृश्ण द्वारा संरक्षित प्राचीन पाण्डुलिपियो पर आधारित उस ग्रन्थो का विमोचन किया गया जिनमें चार ग्रन्थ अंग्र्र्र्र्र्रेजी भाशा मेेेेेें तथा छःग्रन्थ हिन्दी भाशा में लिखे गये है।

कार्यक्रम में पूज्य गुरुदेव आचार्य प्रद्युम्न महाराज, परमार्थ निकेतन अध्यक्ष महंत चिदानंद मुनि महाराज तथा माता गुलाब देवी आर्य, डॉ. यशदेव शास्त्री, बहन ऋतम्भरा, रामभरत, ललित मोहन, डॉ. महावीर, डॉ. जयदीप आर्य, ने आचार्य  बालकृश्ण को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ दी  ।