नई दिल्ली, गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान द्वारा मन्दाकिनी अपार्टमेंट सभागार प्रीतमपुरा में सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका मीरा गैरोला की जयंती पर आयोजित समारोह में श्रीमती मधु बेरिया शाह को पंडित मीरा गैरोला स्मृति लोक गायन-संस्कृति सम्मान- 2025 प्रदान किया गया। इस अवसर पर कई गायकों, संगीतज्ञों ने मीरा गैरोला को श्रद्धांजलि स्वरुप अपनी प्रस्तुति दी। साथ ही कुछ कवियों द्वारा कवितापाठ भी किया गया।
गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान के संरक्षक बरिष्ठ साहित्यकार ब्रह्मानंद कगड़ियल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मीरा गैरोला जी ने अल्पायु में शास्त्रीय गायन के छेत्र में जो काम किया है वह अतुलनीय है। उनकी गिनती देश की उच्चकोटि की गायिकाओं में होती थी। गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान उनकी यादों को सहेजन का काम कर रहा है। साथ ही प्रतिष्ठान साहित्य के छेत्र में भी लगातार काम कर रहा है।
गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान के अध्यक्ष रमेश चंद्र घिल्डियाल सरस ने बताया कि स्वर्गीय मीरा गैरोला उत्तराखण्ड की ही नहीं देश की चुनिंदा शास्त्रीय गायिकाओं में से एक थी। मीरा गैरोला के असमायिक निधन से शास्त्रीय संगीत की एक विद्वान गायिका को देश ने खो दिया। मीरा गैरोला की स्मृति को बनाये रखने हेतु गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान उनकी स्मृति ने हर वर्ष मीरा गैरोला स्मृति लोक गायन-संस्कृति सम्मान प्रदान करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान भाषा-साहित्य की सेवा का अतिरिक्त अपने समाज की विभूतिओं को भी याद करता है। सुप्रसिद्ध साहित्यकार अबोधबंधु बहुगुणा साहित्य सम्मान व पंडित मीरा गैरोला स्मृति लोक गायन-संस्कृति सम्मान के माध्यम से प्रतिष्ठान यह कार्य कर रहा है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन भी कर चुका है।
उत्तराखण्ड़ लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के संयोजक, साहित्यकार दिनेश ध्यानी ने कहा कि गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान द्वारा दिवंगत विभूतियों को याद करना अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम भाषा-साहित्य, रंगमंच व संस्कृति की सेवा करते हुए गढ़वाली व कुमाउनी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने हेतु भी एकजुट होकर काम करें। उस दिशा में सभी प्रमुख लोगों व संगठनों को आगे आकर इस मुहिम को सफल करना होगा। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली लगातार इस दिशा में काम कर रहा है।
इस आयोजन में कई संगीत प्रेमी, साहित्यकार व समाज के गणमान्य लोगों ने शिरकत की। जिनमे प्रमुख सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्य गुरु जगदीश ढौंडियाल, मीरा गैरोला के पति सुरेन्द्र गैरोला, वरिष्ठ पत्रकार समाजसेवी सुनील नेगी, चारु तिवारी, उद्यमी संजय भारती, गढ़वाल हितैषिणी सभा के महासचिव पवन कुमार मैठाणी, फिल्मकार मनोज चन्दोला, वरिष्ठ समाजसेवी ललित ढौंडियाल, उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के संयोजक, साहित्यकार दिनेश ध्यानी, जयपाल सिंह रावत, पृथ्वी सिंह केदारखंडी, दर्शन सिंह रावत, चन्दन प्रेमी, गिरधारी रावत, मुरली सिंह नेगी, शशि बडोला, कुसुम चौहान, नाटककार व लेखिका वसुंधरा नेगी आदि ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान के अध्यक्ष रमेश चन्द्र घिल्डियाल सरस ने किया।



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