नई दिल्ली । देश में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का पूरा ढांचा जल्द ही बदल सकता है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से एलपीजी सप्लाई के लिए नए करार (ष्टशठ्ठह्लह्म्ड्डष्ह्ल) किए हैं, जिसके चलते सरकार सब्सिडी के फॉर्मूले में बदलाव पर विचार कर रही है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो आने वाले दिनों में सिलेंडर के दाम बढ़ सकते हैं या सब्सिडी में कटौती की जा सकती है।
क्या है मामला?
पिछले महीने इंडियन ऑयल (ढ्ढह्रष्टरु), भारत पेट्रोलियम (क्चक्कष्टरु) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (॥क्कष्टरु) ने साल 2026 के लिए अमेरिकी निर्यातकों के साथ सालाना सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं। इसके तहत लगभग 2.2 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (रूरूञ्जक्क्र) एलपीजी इंपोर्ट की जाएगी। यह भारत के कुल सालाना एलपीजी इंपोर्ट का करीब 10त्न है। यह पहली बार है जब भारतीय कंपनियों ने अमेरिका के साथ स्पॉट मार्केट की जगह ‘लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्टÓ किया है।
क्यों महंगा पड़ सकता है सिलेंडर?
मौजूदा समय में सब्सिडी की गणना ‘सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइसÓ (स्ड्डह्वस्रद्ब ष्टक्क) के आधार पर होती है, जो पश्चिम एशिया से सप्लाई का मानक है। लेकिन अब तेल कंपनियां फॉर्मूले में ‘अमेरिकी स्टैंडर्ड प्राइसÓ और अटलांटिक महासागर से आने वाले ‘लॉजिस्टिक कॉस्टÓ को जोड़ने की मांग कर रही हैं।
पेंच यह है कि सऊदी अरब के मुकाबले अमेरिका से गैस लाने में लॉजिस्टिक कॉस्ट (परिवहन खर्च) लगभग चार गुना ज्यादा है। यह सौदा भारत के लिए तभी फायदे का है, जब अमेरिकी गैस की कीमत इतनी कम हो कि वह महंगे किराए की भरपाई कर सके।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिकी सप्लाई में भारी छूट नहीं मिली, तो बढ़ी हुई लागत का बोझ सरकार या तो खुद उठाएगी या फिर उपभोक्ताओं पर डालेगी। यदि सरकार मौजूदा सब्सिडी पर ही गैस देना जारी रखना चाहती है, तो अमेरिकी छूट बहुत जरूरी है। ऐसा न होने पर सरकार सब्सिडी में कटौती कर सकती है। इसका सीधा मतलब है कि आम लोगों और उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों के लिए गैस सिलेंडर महंगा हो जाएगा।
अभी क्या हैं कीमतें और आंकड़े
दिल्ली में वर्तमान में सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपए है, जिसमें आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को 50 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को 300 रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे 1 दिसंबर 2025 तक देश के लगभग 10.35 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। हालांकि, देश के कुल 33 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए भविष्य की कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। वर्तमान में सरकार कीमतों के निर्धारण हेतु नए फॉर्मूले पर विचार तो कर रही है, लेकिन बढ़ते लॉजिस्टिक खर्चों के कारण आने वाले समय में महंगाई की आशंका को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।



