देहरादून, उत्तराखंड की वरिष्ठ रंगकर्मी रजनी अस्थाना का आकस्मिक निधन हो गया । रजनी ओएनजीसी से सेवानिवृत्त हुई थी उनकी आयु 70 वर्ष थी। उन्होंने ओ एनजीसी थयेटर ग्रुप के साथ हिन्दी के बहुचर्चित नाटक आधे अधूरे ,महाभोज, आषाढ़ का एक दिन, नीम हकीम में प्रमुख भूमिका में अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया । रजनी अस्थाना वर्षों से देहरादून की प्रसिद्ध नाट्य संस्था वातायन से जुड़ी हुई थी। वह पिछले कुछ दिनों डेंगू से पीड़ित थी और मैक्स अस्पताल में भर्ती थी जहां मंगलवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली | उनके निधन की सूचना वातायन के अध्यक्ष रोशन धस्माना ने दी |
वरिष्ठ रंगकर्मी पूर्ण रूप से रंगमंच को समर्पित :
उन्होंने वातायन नाट्य संस्था के साथ जिस लाहौर नई व्याख्या, जी जैसी आपकी मर्जी, नटसम्राट तथा अन्य नाटकों में बहुत सुंदर और सजीव अभिनय किया, रजनी पूर्ण रूप से रंगमंच को समर्पित थी। उन्होंने शास्त्रीय गायन की शिक्षा भी ग्रहण की थी। वह बहुत अच्छी गायिका थी तथा उन्हें गजल गायकी का भी शौक था ।
वह आचार्य रजनीश से काफी प्रभावित थी तथा उनके कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल रहती थी । उनके निधन से रंगमंच जगत को अपूर्ण क्षति हुई है । दून के रंगमंच कर्मियों ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।



