पंतनगर (उत्तराखंड) जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में सोमवार को ‘श्रद्धेय लक्ष्मण राव ईनामदार तीन दिवसीय पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का औपचारिक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘सहकार से समृद्धि’ का राष्ट्रीय लक्ष्य तभी साकार हो सकता है, जब प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) सुदृढ़, पारदर्शी और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों से संचालित हों।
सहकार भारती उत्तराखंड, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा सहकारिता विभाग, उत्तराखंड शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 20 से 22 सितंबर तक चलेगा। 20 सितंबर को पंजीकरण व परिचर्चा के बाद सोमवार को इसका विधिवत उद्घाटन हुआ।
उद्घाटन सत्र के दौरान प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र को दिशा देने वाली कई महत्वपूर्ण पहलों का लोकार्पण किया गया:
- ‘सहकार ग्रंथम’ का विमोचन
- उत्तराखंड सहकारी नीति 2026 का औपचारिक लोकार्पण
- पंतनगर विश्वविद्यालय में सहकारिता डिप्लोमा पाठ्यक्रम का शुभारंभ
- देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ लि. का उद्घाटन
- सोशल मीडिया उन्मुख सहकारिता आधारित रील का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने ‘उत्तराखंड सहकारी नीति 2026’ का स्वागत करते हुए कहा कि यह नीति पैक्स को नई दिशा देगी और राज्य के किसानों को बेहतर बाजार पहुंच व वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय में शुरू होने वाले डिप्लोमा पाठ्यक्रम और देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ से युवाओं के लिए सहकारिता क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मंच पर वरिष्ठ नेताओं व सहकारिता विशेषज्ञों की गरिमामय उपस्थिति
समारोह के मंच पर उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेन कश्यप, सहकार भारती के संरक्षक दीनानाथ ठाकुर, राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया तथा सहकार भारती उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़ उपस्थित रहे।
सहकार भारती उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर पैक्स नेतृत्व को नीति, वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक व्यवसाय में दक्ष बनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
अगले सत्रों में वित्तीय प्रबंधन और नाबार्ड की भूमिका पर होगी चर्चा
प्रशिक्षण के दूसरे दिन नयी सहकारी नीति 2026, त्रिस्तरीय व्यवस्था, समिति निर्माण, निर्वाचन और नेतृत्व के अधिकारों जैसे विषयों पर विस्तृत मंथन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन (22 सितंबर) जिला सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रवाह में नाबार्ड (NABARD) की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन व लेखा परीक्षण (Audit) पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। समापन सत्र में प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।




