(प्रदीप लखेड़ा)
गैरसैंण (चमोली), अंकिता भंडारी हत्याकांड समेत कई मुद्दों पर उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन उत्तराखंड कांग्रेस ने सड़क व विधानभवन परिसर के बाहर सरकार विरोधी नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। उक्रांद व अन्य जन संगठनों ने भी पुलिस बैरिकेड तोड़ विरोध जताया।प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग के साथ पानी की बौछार भी की।
प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड में फंसने से एक उक्रांद कार्यकर्ता के गम्भीर रूप से घायल होने की भी खबर है। उक्रांद कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर दोपहर तीन बजे तक विधानसभा परिसर के आस पास तक पहुंच गए थे। कांग्रेस ने प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार, बदहाल सड़कें, ध्वस्त शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिला अपराध, पलायन, भर्ती घोटालों, चंदा चोरी, वोट चोरी, अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय तथा जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क के अलावा विधानसभा परिसर में भी धरना प्रदर्शन किया। विधानभवन के बाहर कांग्रेसी विधायको ने हाथों में तख्ती लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस द्वारा भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा से लगभग 30 किलोमीटर दूर विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया।
इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करण माहरा, प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव,बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला , मुकेश नेगी, हरिकृष्ण भट्ट सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पुलिस की बाधाओं के बीच दिवालीखाल पहुंचे, जहां उनकी पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई।
इस दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल सहित नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया। उधर, विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में विपक्षी दल के सभी विधायकों ने भी धामी सरकार की कार्यप्रणाली पर और प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नारेबाजी कर सरकार को घेरा। कांग्रेस विधानमंडल दल के विधायकों ने कहा कि भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेलगाम महँगाई, चरम बेरोजगारी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, पलायन और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली जनविरोधी नीतियों पर यह सरकार पूरी तरह मौन है।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड की जनता अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। सड़कों की बदहाली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप, महिला सुरक्षा और जंगली जानवरों के आतंक जैसे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर इन मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर उठाती रहेगी।
इस दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल सहित नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया। उधर, विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में विपक्षी दल के सभी विधायकों ने भी धामी सरकार की कार्यप्रणाली पर और प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नारेबाजी कर सरकार को घेरा। कांग्रेस विधानमंडल दल के विधायकों ने कहा कि भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेलगाम महँगाई, चरम बेरोजगारी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, पलायन और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली जनविरोधी नीतियों पर यह सरकार पूरी तरह मौन है।सदन के बाहर हमारा यह प्रदर्शन सत्ता की इसी कुंभकर्णीय नींद को तोड़ने का एक प्रयास है। हम देवभूमि के हकों की आवाज़ को न सड़क पर दबने देंगे, न सदन में। जन-अधिकारों के लिए हमारा यह संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड की जनता अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। सड़कों की बदहाली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप, महिला सुरक्षा और जंगली जानवरों के आतंक जैसे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस जनता की आवाज बनकर इन मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर उठाती रहेगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार पर जनता से किए गए वादों को पूरा करने, प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों, सामाजिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल हैं। गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और राज्य आंदोलन के सपनों का प्रतीक है। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान जनता के वास्तविक मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।




