उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड की और से घरेलू उपभोक्ताओं को हर माह बिजली का बिल दिया जाएगा। इसमें एक से चार किलोवाट भार वाले घरेलू उपभोक्ता शामिल किए जाएंगे। बता दें कि अब तक चार किलोवाट तक विद्युत भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं को दो माह के आधार पर बिल दिया जाता है। लेकिन अब हर माह बिजली का बिल दिया जाएगा। नए साल से इसे लागू करने का फैसला
विद्युत नियामक आयोग के आदेश पर यूपीसीएल प्रबंधन ने नए साल से इसे लागू करने का फैसला लिया है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने 31 मार्च 2022 को यूपीसीएल को आदेश दिए थे कि मासिक आधार पर विद्युत बिलों की बिलिंग की जाए। इसके पीछे उपभोक्ताओं की कंप्लेन भी मानी जा रही है। दरअसल दो माह में बिल देने की वजह से उपभोक्ताओं को कई बार ज्यादा बिल चुकाना पड़ता है। जो कि मीटर रीडिंग के आधार पर देना होता है। जितनी रीडिंग बढ़ती है विघुत भार उतना बढ़ता है। उदाहरण के लिए 100 यूनिट तक अगर 2 रूपए प्रति यूनिट है तो 200 यूनिट होते ही बिल 3 रूपए यूनिट हो जाता है। इस तरह जितना देरी से बिल आएगा उतना रीडिंग बढ़ती जाएगी और उस हिसाब से बिल भी अधिक भुगतान करना होगा। अगर हर माह बिल आएगा तो उपभोक्ता को कम बिल चुकाना होगा। इस तरह नई व्यवस्था से उपभोक्ता को फायदा होना तय है। आदेश में कहा गया है पहले चरण में विद्युत वितरण खंड देहरादून, ऋषिकेश के अधीन एक से चार किलोवाट विद्युत भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं को जनवरी- 2023 माह के बिजली बिल मासिक आधार पर जारी किए जाएंगे। इसके बाद दो माह मार्च में होगी। फिर अप्रैल से नियमित एक माह का बिल दिया जाएगा।




