‘उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन (यूपीजेईए ) द्वारा अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए नए सिरे से रणनीति तैयार’
देहरादून, यूपीजेईए द्वारा नववर्ष में अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए नए सिरे से संघर्ष के लिए तैयारी प्रारम्भ कर दी है। लंबे समय से एसोसिएशन द्वारा अवर अभियंता संवर्ग की जायज मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने से आक्रोशित संवर्ग के सदस्यों ने न्याय प्राप्ति के लिए कमर कस ली है। एसोसिएशन ने प्रबंधन से शीघ्र अति शीघ्र सदस्यों की प्रोन्नति नहीं होने एवं जायज मांगों का निस्तारण नहीं होने पर नए साल में सांकेतिक ध्यानाकर्षण कार्यक्रम प्रारम्भ करने की सूचना यूपीसीएल प्रबंधन को दे दी है।
एसोसिएशन के केन्द्रीय अध्यक्ष आनन्द रावत ने प्रबन्ध निदेशक यूपीसीएल को पत्र के माध्यम से रोष जाहिर करते हुए अवगत कराया है कि यूपीसीएल में अवर अभियंता संवर्ग के सहायक अभियन्ताओं की प्रोन्नति निगम द्वारा प्रयत्नपूर्वक रोकी गयी है। केन्द्रीय अध्यक्ष ने पत्र में कहा कि एसोसिएशन के वरिष्ठ एवं अनुभवी सदस्यों की प्रोन्नति नहीं की जा रही है जबकि मा० उच्च न्यायालय द्वारा दिये गए निर्णय के विपरीत कनिष्ठ सहायक अभियन्ताओं को अधिशाषी अभियंता के पद का प्रभार दिया गया है। उन्होंने अवर अभियंता 2007 – 08 बैच की वरिष्ठता सूची पन्द्रह वर्षो के उपरान्त भी जारी नहीं होने एवं 8.33 प्रतिशत कोटे से सहायक अभियंता (वि०एवं या०) के रिक्त पदों पर प्रोन्नति नहीं किये जाने को भी एसोसिएशन के सदस्यों के साथ अन्याय बताया।
केन्द्रीय अध्यक्ष ने पत्र में कहा कि सदस्यों की विभागीय जाँचों का वर्षों से निस्तारण नहीं होने, प्रथम एसीपी में दो वेतनवृद्धि का लाभ प्राप्त नहीं होने से सदस्यों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। केन्द्रीय अध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से एसोसिएशन के 18 सूत्रीय मांगपत्र पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए समाधान करने का अनुरोध किया। उन्होंने प्रबंधन को अवगत कराया कि केंद्रीय कार्यकारणी की दिनाँक 23.12.2023 की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि यदि उपाकालि प्रबंधन द्वारा दिनाँक 11.01.2024 तक एसोसिएशन की जायज मांगो का समाधान नहीं किया जाता है तो एसोसिएशन द्वारा दिनाँक 12.01.2024 से प्रदेश भर में निगम प्रबंधन, शासन एवं सरकार का ध्यानाकर्षण कर न्याय प्राप्त करने की आकांक्षा से सांकेतिक ध्यानाकर्षक कार्यक्रम प्रारम्भ किया जायेगा।
सांकेतिक ध्यानाकर्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 12 जनवरी से प्रदेश भर में ज्ञापन कार्यक्रम की शुरुआत की जायेगी । दिनाँक 15 जनवरी को एसोसिएशन द्वारा प्रेस वार्ता के माध्यम से सम्मानित विधुत उपभोक्ताओं को उत्तराखंड के मूल निवासी एवं अवर अभियंता संवर्ग के साथ निगम प्रबंधन द्वारा किये जा रहे पक्षपात से अवगत कराया जाएगा। 20 जनवरी से सदस्य काली पट्टी बाँधकर कार्य करेंगे, 25 जनवरी को बुद्धि शुद्धि यज्ञ, 2 फरवरी से वर्क टू रूल के अंतर्गत ड्यूटी उपरान्त मोबाइल स्विच ऑफ रखेंगे एवं 05 फरवरी को ऊर्जा भवन मुख्यालय में सत्याग्रह किया जाएगा।
केन्द्रीय अध्यक्ष ने यूपीसीएल प्रबंधन को सांकेतिक ध्यानाकर्षण कार्यक्रम के नोटिस के माध्यम से तत्काल अवर अभियंता संवर्ग के सदस्यों को अपेक्षित न्याय प्रदान करने का अनुरोध किया है।



