राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की वास्तविक अधिगम की स्थिति की जानकारी के लिए होगा दक्षता आंकलन

0
183

रुद्रप्रयाग – शासन के निर्देशानुसार राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की वास्तविक अधिगम की स्थिति की जानकारी के लिए दक्षता आंकलन करने का निर्णय लिया गया है। पहले चरण मे कक्षा दो, पॉच व कक्षा आठ के विद्यार्थियो का आंकलन सात सितम्बर को होगा, इसमे अपेक्षा से न्यून प्रदर्शन करने वाले नौनिहालो के लिए रेमिडियल टीचिंग के लिए कार्य योजना बनेगी।
उक्त आश्य की जानकारी देते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार छात्र-छात्राओं की वास्तविक अधिगम स्थिति की जानकारी दक्षता आधारित आंकलन के जरिये हासिल की जायेगी, इससे नौनिहालो की दक्षताओं की पहचान की जानी है, जिसके लिए आगामी सात सितम्बर को जनपद भर के सभी राजकीय विद्यालयो मे कक्षा 2 कक्षा 5 एवं कक्षा 8 मे अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का आंकलन किया जायेगा कक्षा 02 मे दो विषय क्रमशः हिन्दी एवं गणित कक्षा 5 मे हिन्दी, गणित, एवं पर्यावरण व कक्षा 8 मे हिन्दी, गणित, विज्ञान, एवं सामाजिक विषय का आंकलन होगा, आंकलन के उपरान्त विद्यार्थियो के प्रदर्शन का कक्षावार व दक्षतावार विश्लेषण किया जायेगा। अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन वाले छात्र-छात्राओ के लिए सुधारात्मक शिक्षण की प्लानिंग बनायी जायेगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी खण्ड एवं उप शिक्षा अधिकारियो को निर्देश दिए कि दक्षता आधारित आकंलन प्रश्नपत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा से उपलब्ध कराये जायेगे, जिन्हे अनिवार्य रूप से 6 सितम्बर तक राजकीय विद्यालयो मे उपलब्ध कराना होगा, उन्होने यह भी जानकारी दी कि प्रथम आकंलन के बाद 28 सितम्बर को मध्यावधि आकलंन किया जायेगा, सभी विद्यालयो के शत प्रतिशत छात्रों की आकंलन परीक्षा मे सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी, श्री चौधरी ने यह भी निर्देश दिए कि दक्षता आधारित आकंलन के संबंध मे विद्यालय प्रार्थना सभा मे प्रत्येक कार्य दिवस को छात्र-छात्राओ को अवगत करवाय जाय।
मध्यावधि समीक्षा के बाद बी0आर0पी0/सी0आर0पी0 एवं डायट फैक्लटी तथा शिक्षा के क्षेत्र मे कार्य कर रहे एन0जी0ओ0 को कमजोर दक्षता वाले विद्यालयो मे सहयोग के लिए लगाया जायेगा इस कार्यक्रम की व्यवस्थाओ के निमित विकासखण्ड स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किये गये है, जिसमे अगस्त्यमुनि विकासखण्ड के लिए श्रीमती सोनी महरा डी0ओ0माध्यमिक, ऊखीमठ विकाखण्ड के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी यशवीर रावत, व जखोली विकासखण्ड के लिए उप शिक्षा अधिकारी तनुजा देवराड़ी को यह जिम्मेदारी दी गई है उनके सहयोगार्थ बी0आर0पी0/सी0आर0पी0 को लगाया गया है, प्रत्येक तीन न्याय पंचायतो पर एक मेण्टर रखा जायेगा इसके अलावा डायट प्राचार्य व मुख्य शिक्षा अधिकारी व एस0सी0आर0टी0 से नामित अधिकारी आंकलन का अनुश्रवण करेंगे।
उन्होने सभी राजकीय विद्यालयो को दक्षता आधारित मूल्याकंन में शत प्रतिशत छात्रो की भागीदारी करवाने के निर्देश दिये व छात्र अभिभावको को भी इस बाबत जानकारी देने को कहा तथा विद्यालय प्रबधंन समितियो का भी सहयोग करने की अपील की।