देहरादून में 30 अक्टूबर से सजेगा ‘श्रौत महोत्सव 2026’, हथकरघा, हस्तशिल्प और संगीत का दिखेगा अनूठा संगम

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देहरादून, उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, हथकरघा, हस्तशिल्प और संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर नया आयाम देने के उद्देश्य से राजधानी देहरादून में ‘श्रौत महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। तारा जोशी फाउंडेशन की ओर से आयोजित यह पांच दिवसीय महोत्सव 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक परेड ग्राउंड में चलेगा।

बुधवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजकों ने बताया कि महोत्सव की मुख्य थीम ‘Celebrating people, preserving traditions’ रखी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करने के साथ-साथ युवाओं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। परेड ग्राउंड में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न सांस्कृतिक व कलात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा

महोत्सव के दौरान पहाड़ी, जौनसारी, गढ़वाली, सूफी, बॉलीवुड और शास्त्रीय संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा:

  • 30 अक्टूबर (उद्घाटन दिवस): महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रीमती गीता धामी करेंगी। पहले दिन ‘नाटी किंग’ कुलदीप शर्मा पहाड़ी नाइट की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही डिजिटल मैजिशियन बादशाह का मैजिक शो मुख्य आकर्षण रहेगा।

  • 31 अक्टूबर (बॉलीवुड व जौनसारी नाइट): दूसरे दिन बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी मुख्य अतिथि और श्रीमती मृदुला त्रिपाठी विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस दिन दिप्तांशु तिवारी द्वारा बॉलीवुड व शास्त्रीय संगीत तथा अजय तोमर द्वारा ‘जौनसारी नाइट’ पेश की जाएगी। पारंपरिक ऐपन कला (Aipan Art) पर कार्यशाला भी आयोजित होगी।

  • 1 नवंबर (महिला सशक्तीकरण व डांडिया): तीसरे दिन विक्की चौहान पहाड़ी व मैशअप संगीत प्रस्तुत करेंगे। इस दिन महिला स्वास्थ्य एवं सशक्तीकरण पर विशेष टॉक शो और डांडिया नाइट का आयोजन होगा।

  • 2 नवंबर (सूफी संगीत व टैलेंट शो): चौथे दिन गायक रुहान भारद्वाज सूफी और गढ़वाली संगीत की प्रस्तुति देंगे। साथ ही युवाओं के लिए टैलेंट शो के ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे।

  • 3 नवंबर (ग्रैंड फिनाले व सम्मान समारोह): अंतिम दिन पद्मश्री प्रीतम भरतवाण (जागर सम्राट) की मौजूदगी में ग्रैंड क्लोजिंग सेरेमनी, टैलेंट शो का फाइनल और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा।

तारा जोशी फाउंडेशन ने बताया कि यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि हथकरघा, हस्तशिल्प और लोक कला से जुड़े कारीगरों, शिल्पकारों और नवोदित कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करने का एक प्रयास है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पर्यटन दोनों को बल मिलेगा।

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