दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाये जाने पर उत्तराखंड़ राजनैतिक तपिश तेज, कांग्रेस ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

0
16

देहरादून, केंद्र सरकार ने अंकिता भंडारी प्रकरण में उन्हीं की पार्टी द्वारा नामजद व्यक्ति दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करने के बाद उत्तराखंड़ में राजनैतिक तपिश तेज हो गयी, साथ ही इससे अंकिता भंडारी प्रकरण में संभावित दोषियों को बचाने के षड्यंत्र की आशंका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर द्वारा सार्वजनिक किए गए वीडियो एवं बयानों में कथित वीआईपी को लेकर किए गए दावों और दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उठ रहे सवालों के संदर्भ में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रेषित ज्ञापन में कहा गया कि 19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राजभवन तक प्रदर्शन कर किया, इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here