शुद्धता पर ज़ोर और संयुक्त कार्यशाला की मांग
देहरादून। आगामी नवरात्र और दीपावली के पावन त्योहारों को देखते हुए राजधानी देहरादून के पटेल नगर स्थित ‘द कनॉपी ग्रीन्स’ होटल में हलवाई कारोबारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और रुद्रपुर से आए दर्जनों हलवाई व्यापारियों ने शिरकत की। हलवाई समिति देहरादून के अध्यक्ष आनन्द स्वरूप गुप्ता और मंत्री अरविन्द गोयल के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में ‘फेडरेशन ऑफ स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चरर्स’ के राष्ट्रीय पदाधिकारी फ़िरोज़ नक़वी और आफ़ताब हुसैन ज़ैदी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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शुद्धता और गुणवत्ता पर जागरूकता अभियान: त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने और ग्राहकों को शुद्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए सर्वसम्मति से जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया गया।
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पारंपरिक मिठाइयों को बढ़ावा: व्यापारियों ने पारंपरिक भारतीय मिठाइयों और देसी घी के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की मिठाइयां देने का संकल्प दोहराया।
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प्रशासनिक कार्रवाई और नियमों पर चिंता: दीपावली व नवरात्र के दौरान जीएसटी (GST), श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर व्यापारियों ने गहरी चिंता जताई।
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संयुक्त कार्यशाला (Joint Workshop) की मांग: नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ के लिए व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से अधिकारियों और व्यवसायियों के बीच एक संयुक्त कार्यशाला आयोजित करने का आग्रह किया।
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उत्तराखंड हलवाई सम्मेलन जल्द: प्रदेशभर के हलवाई व्यापारियों के एक विशाल सम्मेलन के आयोजन को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से समय मांगे जाने की जानकारी दी गई।
बैठक के अंत में सभी व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि त्योहारों के अवसर पर आम जनता तक शुद्ध, स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां पहुंचाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।





