देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि पर न्याय की मांग को लेकर राजधानी देहरादून में आक्रोश और संवेदनाएं एक साथ सड़कों पर दिखीं। उत्तराखंड महिला कांग्रेस के तत्वावधान में प्रदेश कांग्रेस भवन से घंटाघर तक एक विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इस कैंडल मार्च में कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने विशेष रूप से शिरकत कर अंकिता भंडारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैंडल मार्च के दौरान डॉ. हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार और जांच प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी और उनके परिजनों को इतने साल बीत जाने के बाद भी पूर्ण न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हत्या के मुख्य दोषियों के साथ-साथ इस पूरे मामले में उठे VVIP लोगों की संलिप्तता के सवालों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जब तक दोषियों को सख्त सजा और VVIP की भूमिका का सच सामने नहीं आता, कांग्रेस का हर एक कार्यकर्ता पूरी प्रतिबद्धता के साथ सड़क से सदन तक संघर्ष करता रहेगा।”
डॉ. हरक सिंह ने इस मामले को केवल एक परिवार से परे बताते हुए कहा कि अंकिता भंडारी का मामला पूरे उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकार से जुड़ा एक बेहद गंभीर विषय बन चुका है। आज प्रदेश की अनेक बेटियां लगातार बढ़ते अपराधों के बीच सुरक्षा और न्याय की राह देख रही हैं।
कांग्रेस नेता ने अंकिता के परिजनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी और लंबी कानूनी-सामाजिक लड़ाई में उन्हें कतई अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। यह लड़ाई उत्तराखंड की हर बेटी और बहन के स्वाभिमान की लड़ाई है, और जब तक न्याय का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, यह आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा। कैंडल मार्च में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग की तख्तियां लिए शामिल हुए।




