(देवेन्द्र चमोली)
रुद्रप्रयाग – मंगलवार शायं को रुद्रप्रयाग के न्याय पंचायत सारी की ग्राम पंचायत सिंद्रवाणी में पांच वर्षीय बालक गुलदार निवाला बन गया। इस दुःखद घटना के बाद पूरा छैत्र गमगीन है ।
लगभग तीन महीने के अंतराल में इस छैत्र में गुलदार द्वारा दूसरी घटना को अंजाम दिया गया, ऐसे में छैत्र में भय का माहौल होना स्वाभाविक है ।
बन विभाग व जिला प्रशासन ने देर रात सर्च आपरेशन के बाद बच्चे का शव जंगल से बरामद किया। इस बीच पीड़ित परिवार के यहां संवेदना ब्यक्त करने जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारियों का आना जाना लगा है।
घटना के दूसरे दिन जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे व उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान जिलाधिकारी स्तर से तमाम घोषणायें पीड़ित परिवार के लिये की गयी। जिसमें बन विभाग द्वारा प्रदत्त 10 लाख मुआवजे के अतिरिक्त पीड़ित परिवार को आवास सुविधा,मासूम दक्ष के वृद्ध दादा दादी की वृद्धावस्था पेंशन, दोनों बहिनों की निःशुल्क पढ़ाई, आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित परिवार का अन्यत्र विस्थापन करना आदि शामिल हैं।
इन घोषणाओं में गुलदार द्वारा शासनादेश के अनुसार मारे जाने पर 10 लाख मुआवजा को छोड़ दिया जाय तो शेष घोषणाओं से स्पष्ट है कि पीड़िता बबीता देवी का परिवार बदहाल स्थिति में अपना जीवन यापन कर रहा था। ग्रामीणों की मानें तो बीती बरसात से पीड़ित परिवार का आवासीय भवन भी भूस्खलन की जद में हैं। लेकिन आज तक उनको सुरक्षित आवास की ब्यवस्था नहीं हो पायी। घर में कोई कमाऊ सदस्य नहीं था और नियति ने घर के अकेले चिराग को भी छीन लिया।
इतनी दयनीय स्थिति में दिन गुजार रहे पीड़ित परिवार की सुध न आज तक जिला प्रशासन ने ली और नाहीं जन प्रतिनिधियों ने। पांच वर्षीय दक्ष की दुःखद मौत के बाद परिवार की बदहाली की तस्वीर सामने आई।
अब प्रश्न खड़ा होता है कि क्या ब्यवस्था में इतना खोट है? या सरकारी तंत्र इतना लापरवाह है जो दूरस्थ गांवों में रह रहे जरूरत मंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है या पहुंचना ही नहीं चाहता। न जाने ऐसे कई परिवार होगें जो अपनी दयनीय स्थिति के कारण प्रशासन के आला अधिकारियों व चुने हुये जन प्रतिनिधियों तक पहुंचने में असक्षम होगें । यदि पहुंच भी जाते तो ब्यवस्था में उनकी सुनने वाला कोई नहीं मिलता।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओर निकटवर्ती ग्राम निवासी ईश्वर सिंह विष्ट का कहना है कि पीड़ित परिवार का आवासीय भवन भूस्खलन से रहने की स्थिति में भी नहीं है। बरसात के बाद अभी तक तमाम सर्वे के बाद भी इनकी सुध नहीं ली गयी।
बहरहाल स्थिति जो भी हो लेकिन पांच वर्षीय बालक दक्ष की गुलदार द्वारा मौत ने ब्यवस्था की पोल खोल कर रख दी।



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