Saturday, April 25, 2026
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एलपीयू के 12वें दीक्षांत समारोह में भगवती प्रसाद मैन्दोली को मिली डाक्टरेट उपाधि

देहरादून, उत्तराखंड़ राज्य के माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए गर्व का विषय है कि राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा उत्तराखंड के स्टॉफ ऑफिसर भगवती प्रसाद मैन्दोली को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू), फगवाड़ा, पंजाब के 12वें दीक्षांत समारोह में पीएचडी की डाक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में यूनाइटेड किंगडम की पूर्व प्रधानमन्त्री मैरी एलिजाबेथ ट्रस द्वारा डाॅ. मैन्दोली को डाक्टरेट उपाधि से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी  (LPU)   के संस्थापक एवं चांसलर तथा राज्यसभा सांसद डाॅ. अशोक कुमार मित्तल एवं उनकी पत्नी तथा एलपीयू की वाईस चांसलर श्रीमती रश्मि मित्तल भी उपस्थित रहीं।
डॉ. मैन्दोली ने प्रोफेसर विजय कुमार छैछी डेप्युटी डीन, एल.पी. यू के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 में “उत्तराखण्ड में हैप्पीनेस करिकुलम को अपनाने वाले विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में विकसित दक्षताएँ: एक तुलनात्मक अध्ययन” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। यह शोध राज्य के विद्यालयी शिक्षा तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके निष्कर्ष न केवल शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने में सहायक हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सामाजिक-भावनात्मक विकास, जीवन कौशल, आत्म-अनुशासन तथा सकारात्मक व्यवहार को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा उत्तराखंड में स्टॉफ ऑफिसर के रूप में कार्यरत डॉ. भगवती प्रसाद मैन्दोली उत्तराखण्ड राज्य में ‘आनन्दम् पाठ्यक्रम’ के नोडल अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके गहन शोध अनुभव और अकादमिक दृष्टि से राज्य के सरकारी विद्यालयों में हैप्पीनेस करिकुलम के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता संवर्धन को नई दिशा मिलने की पूरी संभावना है। शिक्षा के मानवीय पक्ष को केंद्र में रखने वाला उनका यह शोध भविष्य की मूल्यनिष्ठ और आनंददायी शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला सिद्ध होगा।
सेवानिवृत्ति के करीब लगभग 58 वर्ष की आयु में पीएचडी जैसी उच्चतम शैक्षणिक उपलब्धि अर्जित करना डॉ. मैंदोली के सतत अध्ययन, अनुशासन और शिक्षा के प्रति आजीवन समर्पण का जीवंत उदाहरण है। इससे पूर्व वे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर से वनस्पति विज्ञान में एम.एससी. में विश्वविद्यालय टॉपर रह चुके हैं। बी.एड., एम.ए. (शिक्षाशास्त्र) एवं एम.ए. (सामाजिक कार्य) जैसी अनेक उपाधियाँ उनके बहुआयामी शैक्षणिक व्यक्तित्व को रेखांकित करती हैं।
सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में भी उनका परिवार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उनके सुपुत्र विपुल मैन्दोली वर्तमान में भारतीय जनता युवा मोर्चा, उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
डॉ. भगवती प्रसाद मैन्दोली की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखण्ड के शिक्षा विभाग और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
डा. मैंदोली ने भी इस उपलब्धि पर अपने मार्गदर्शक शिक्षकों, विभागीय अधिकारियों और सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया है।
यह उपलब्धि यह सन्देश देती है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती—यदि संकल्प दृढ़ हो, तो हर सपना साकार किया जा सकता है।

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