Saturday, April 25, 2026
HomeStatesDelhiईपीएफओ में होगा बड़ा बदलाव... सैलरी लिमिट 15000 से बढ़ाकर होगी 25000,...

ईपीएफओ में होगा बड़ा बदलाव… सैलरी लिमिट 15000 से बढ़ाकर होगी 25000, 1 करोड़ को होगा फायदा!

नई दिल्ली ,।  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, संगठन अनिवार्य पीएफ और पेंशन अंशदान के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर पात्रता मानदंडों में बड़े बदलाव पर विचार कर रहा है।सरल भाषा में, श्वक्कस्नह्र मौजूदा वेतन सीमा 15,000 रुपये को बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इससे पहले यह सीमा 6,500 रुपये थी। इस कदम का उद्देश्य एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रणाली—जैसे पीएफ और पेंशन—के दायरे में शामिल करना है।
वित्तीय सेवा विभाग (ष्ठस्नस्) के सचिव एम. नागराजू ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यह चिंताजनक है कि 15,000 रुपये से थोड़ा अधिक कमाने वाले कई कर्मचारियों के पास पेंशन सुरक्षा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण उन्हें वृद्धावस्था में अपने परिवार पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने पुरानी पेंशन सीमा को अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वर्तमान प्रावधानों के अनुसार, केवल वे कर्मचारी जिनकी मूल तनख्वाह 15,000 रुपये तक है, स्वचालित रूप से ईपीएफ और ईपीएस में शामिल होते हैं। इससे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी चाहें तो बाहर रह सकते हैं और नियोक्ताओं पर भी उन्हें जोड़ने का दबाव नहीं होता। इस कारण शहरी निजी क्षेत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारी औपचारिक सेवानिवृत्ति बचत से वंचित रह जाते हैं, जबकि उनकी आय बहुत अधिक नहीं होती।
रिपोर्टों में संकेत है कि श्वक्कस्नह्र इस सीमा को 25,000 रुपये तक बढ़ाने पर विचार कर सकता है और इस प्रस्ताव पर केंद्रीय न्यासी बोर्ड अगले साल की शुरुआत में चर्चा कर सकता है। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सीमा में 10,000 रुपये की बढ़ोतरी से एक करोड़ से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य पीएफ और पेंशन कवरेज में शामिल हो जाएंगे। कई ट्रेड यूनियनें लंबे समय से इस संशोधन की मांग कर रही हैं, उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और मौजूदा वेतन स्तरों के बीच यह सीमा अब प्रासंगिक नहीं रह गई है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments