Monday, June 22, 2026
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धामी कैबिनेट की बैठक : 12 प्रस्तावों को मंजूरी, हाइब्रिड वाहनों पर मोटर वाहन टैक्स माफ

देहरादून, सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सीएम के सचिव शैलेश बगौली ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि बैठक में जिन 12 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है, उनमें 859 पर्यावरण मित्र मृतक आश्रित कोटे में शामिल करने, हाइब्रिड वाहनों पर मोटर वाहन टैक्स माफी, कांस्टेबल और उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा साथ कराने, बद्रीनाथ मास्टर प्लान और चार पर्यटन योजनाओं को मंजूरी और पुरानी सेवा को नई पेंशन स्कीम से जोड़ने का प्रस्ताव शामिल है।

धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले :

-शहरी विकास विभाग के अंतर्गत 2013 में कार्यरत 859 पर्यावरण मित्रों को अब मृतक आश्रित कोटे में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इससे लंबे समय से स्थायीत्व की प्रतीक्षा कर रहे सफाई कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
-परिवहन विभाग ने निर्णय लिया है कि पेट्रोल, डीजल, CNG और बैटरी आधारित वाहनों को मिलने वाली सब्सिडी SNA अकाउंट में रखी जाएगी। बशर्ते वाहन ₹15 लाख से महंगा न हो। उत्तरखंड में अब तक इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ही टैक्स छूट मिलती थी, लेकिन अब हाइब्रिड कारों को भी मोटर वाहन टैक्स में छूट मिलेगी।
-कार्मिक विभाग के अंतर्गत कांस्टेबल और उपनिरीक्षक (SI) पदों के लिए एक परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
-उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के पहले से स्वीकृत 62 पदों के साथ अब 15 नए पद सृजित किए गए हैं। जिससे आयोग की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
-गृह विभाग के निर्णय के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता के तहत विधि विज्ञान प्रयोगशाला को विभागीय अध्यक्ष माना जाएगा। इससे वैज्ञानिक साक्ष्य की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
-मानवाधिकार प्रकोष्ठ में 12 नए पद सृजित किए गए हैं। कुल पदों की संख्या 47 से बढ़कर 59 हो जाएगी।
-पर्यटन विभाग की चार योजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें बद्रीनाथ मास्टर प्लान, शेष नेत्र लोटस वॉल कार्य, सुदर्शन चौक कलाकृति, प्री एंड रिवर्स कल्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
-वित्त विभाग ने ऐसे कर्मचारी जो नई पेंशन योजना (NPS) में हैं, लेकिन कुछ सेवा पुरानी पेंशन योजना (OPS) में है, उन्हें संयुक्त लाभ देने का निर्णय लिया गया है।

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