हरिद्वार में 18वां संस्कृत महोत्सव: 100 श्लोक कंठस्थ करने वाले छात्रों को मिलेगी ‘शतसुभाषित पण्डित’ की उपाधि

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हरिद्वार (कुलभूषण ):उत्तराखंड संस्कृत संस्थान (उत्तराखंड सरकार) हरिद्वार द्वारा 18वें संस्कृत महोत्सव के अंतर्गत “जनपद स्तरीय संस्कृतस्पर्धा” – 2026-27 के प्रथम दिवस का उद्घाटन समारोह का आयोजन उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं संस्कृत स्पर्धा के मार्गदर्शक अमित कुमार चन्द ने की तथा संचालन जनपद सहसंयोजक डॉ केशव दत्त बलियानी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं मार्गदर्शक अमित कुमार चन्द , उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो० विनय विद्यालंकार, उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा निदेशालय देहरादून के उपनिदेशक डॉ वाजश्रवा आर्य ,उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के शोध अधिकारी डॉ हरीश चन्द्र गुरुरानी, पूर्व जनपद संयोजक डॉ नवीन चन्द पंत, प्रकाशनाधिकारी किशोरी लाल रतूड़ी, समाजसेवी प्रकाश जोशी , जनपद संयोजक डॉ विजय कुमार त्यागी जनपद सह संयोजक डॉ केशव दत्त बलियानी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों को उत्तरीय वस्त्र एवं हृदयफलक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार अमित कुमार चन्द ने कहा कि संस्कृत भाषा ही संस्कृति की जननी है। हमारे जीवन में संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान है। हरिद्वार जनपद में संस्कृत के उत्थान हेतु सराहनीय कार्य किया जा रहा है । उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो॰ विनय विद्यालंकार ने कहा कि मैं इन प्रतियोगियों की सफलता की कामना करता हूं जिन्होंने अल्पायु में इन संस्कृत प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। सचिव प्रो॰ विनय विद्यालंकार द्वारा बताया गया की अग्रिम वर्ष से संस्कृत भाषा के 100 सुभाषित श्लोक कंठस्थीकरण करने एक नवीन प्रतियोगिता का प्रारंभ किया जायेगा जिसमें 100 सुभाषित श्लोक याद करने वाले छात्र छात्राओं को “शतसुभाषित पण्डित” उपाधि से अलंकृत किया जाएगा।
उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा निदेशालय देहरादून के उपनिदेशक एवं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ वाजश्रवा आर्य ने कहा कि संस्कृत के विकास से ही देश का विकास संभव है। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के शोध अधिकारी और कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि डॉ॰ हरीश चन्द्र गुरुरानी द्वारा बताया गया कि यह उत्तराखंड राज्य संस्कृत प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रदेश के सुदूर ग्रामों तक भी संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार कर रहा है ।स्वामी दर्शनानंद गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर के आचार्य स्वामी विरक्त देव ने कहा कि संस्कृत ही मनुष्य को मनुष्य बनाती है । यह संस्कृत प्रतियोगिताएं छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास करती है । समाजसेवी प्रकाश जोशी ने कहा कि संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार आज व्यापक स्तर पर किया जा रहा है ।
जननद स्तरीय संस्कृत स्पर्धा के जनपद संयोजक डॉ विजय कुमार त्यागी ने सभी अतिथियों प्रतिभागी छात्र छात्राओं शिक्षक – शिक्षिकाओं तथा आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया । हरिद्वार जनपद के सभी खण्ड संयोजकों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।जनपद संयोजक डॉक्टर विजय कुमार त्यागी ने बताया कि प्रथम दिवस पर कनिष्ठ वर्ग स्तर पर संस्कृत नाटक, संस्कृत समूहगान, संस्कृत समूहनृत्य, संस्कृत वाद-विवाद, संस्कृत आशुभाषण , संस्कृत श्लोक उच्चारण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
डॉ ० हरीश तिवारी, डॉ कञ्चन तिवारी, डॉ द्विजेन्द्र शर्मा, श्रीमती दीपमाला शर्मा, ज्योति, डॉ दामोदर परंगाई , डॉ रवीन्द्र आर्य, डॉ अरविन्द नारायण मिश्र, आशीष बजाज, डॉ योगेश शास्त्री, डॉ शिवदेव आर्य आदि संस्कृत विद्वानों ने निर्णायक की भूमिका निभाई । कनिष्ठ वर्ग संस्कृत नाटक स्पर्धा में मारवाड़ कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज रुड़की हरिद्वार ने प्रथम स्थान , आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज रुड़की ने द्वितीय स्थान तथा जगत देव सिंह संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय हरिद्वार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ।
संस्कृत समूहनृत्य स्पर्धा में आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज रुड़की ने प्रथम स्थान आचार्य कुलम पतंजलि योगपीठ हरिद्वार ने द्वितीय स्थान तथा स्वामी शम्भूदेव संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय खड़खडी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ।
संस्कृत समूहगान स्पर्धा में पतंजलि गुरुकुलम् रुड़की ने प्रथम स्थान, आचार्यकुलम पतंजलि योगपीठ हरिद्वार ने द्वितीय स्थान तथा डी० ए० वी० सेन्टेनरी पब्लिक स्कूल हरिद्वार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ।
संस्कृत वाद -विवाद स्पर्धा मे आचार्यकुम् पतञ्जलि योगपीठ हरिद्वार के प्रतिभागी शौर्यराज तथा गौरिका ने प्रथम, श्री जगद्गुरु श्री चन्द्र संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय हरिद्वार की प्रतिभागी रश्मि तथा नव्या ने द्वितीय स्थान तथा आर्य कन्या पाठशाला रुड़की की प्रतिभागी आरुषि तथा अनुकृति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ।
संस्कृत आशुभाषण स्पर्धा मे जगद् देव सिंह संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय हरिद्वार के प्रतिभागी अथर्व ढौंढियाल ने प्रथम श्री जगद्गुरु श्री चन्द्र संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय हरिद्वार के प्रतिभागी अक्षित बडोनी ने द्वितीय स्थान तथा आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज रुड़की की प्रतिभागी प्राची ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ।
संस्कृत श्लोकोच्चारण स्पर्धा मे आचार्यकुलम पतञ्जली योगपीठ हरिद्वार की प्रतिभागी सोनाक्षी ने प्रथम श्री जगद्गुरु श्री चन्द्र संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय हरिद्वार के प्रतिभागी अनिरुद्ध बहुखण्डी ने द्वितीय तथा आर एन आई इंटर कॉलेज भगवानपुर की प्रतिभागी तनिष्का शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया ।

इस अवसर पर डॉ सुशील कुमार त्यागी, डॉ राधेश्याम बहुखण्डी , घनश्याम उनियाल, डॉ पण्डित आचार्य हेमन्त तिवारी, सर्वेश तिवारी , डॉ श्यामलाल गौड़, दुर्गादत्त जोशी, भास्कर काण्डपाल, नेत्रवल्लभ कोठारी, डॉ कमलेश कुमार, जगतनयन बहुखण्डी , प्रकाश चन्द्र तिवारी, कमलेश बहुगुणा, इन्द्रमणी भट्ट, डॉ ललिता चौहान, रितु गिरी डॉ दीपशिखा शील, डॉ उमेश कुमार, डॉ कल्पना वत्स, उर्वशी पंवार, डॉ राजेश कुमार, नवनीत बलोदी, जव्वाद अली, उमा जोशी, डॉ. चम्पा ,नितेश जगूड़ी आदि संस्कृत शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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