लॉट सूबेदार मेजर बलभद्र सिंह नेगी महिला शक्ति सम्‍मान से सम्‍मानित होंगी महिलाएं

0
682

“आईएचएमएस कॉलेज की ओर से आयोजित किया गया है यह सम्‍मान समारोह”

कोटद्वार, इंस्‍टीट्यूट ऑफ हॉस्‍पीटेलिटी मैनेजमेंट एंड साइंसेस ( आईएचएमएस ) कालेज की ओर से कोटद्वार में पहली बार गढ़वाल राइफल्‍स के संस्‍थापक लॉट सूबेदार मेजर बलभद्र सिंह नेगी की स्‍मृति में उल्‍लेखनीय कार्य कर रहीं महिलाओं को सम्‍मानित करने का आयोजन किया जा रहा है।
इस समारोह में विभिन्‍न क्षेत्रों में उल्‍लेखनीय कार्य करनी वाली महिलाओं को “लॉट सुबेदार मेजर बलभद्र सिंह नेगी महिला शक्ति सम्‍मान – 2025” से सम्‍मानित किया जाएगा।
कालेज के जन संपर्क अधिकारी नरेश थपलियाल ने बताया कि सम्‍मान समारोह, शुक्रवार 21 फरवरी को शाम तीन बजे कालेज के सभागार में आयोजित किया गया है। जिसमें न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट कोटद्वार सोनिया जी बतौर मुख्‍य वक्‍ता महिलाओं को महिला सुरक्षा अधिकार की जानकारी देंगी। समारोह में विशिष्‍ट अतिथि के रूप में पुलिस क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल महिलाओं को साइबर और महिला अपराधों के प्रति जागरुक करेंगी। इस अवसर पर कोटद्वार क्षेत्र में समाज सेवा, उत्‍तराखंड की लोक संस्‍कृति, पत्रकारिता, योग और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रहीं कोटद्वार की पांच महिलाओं को सम्‍मनित किया जाएगा। उन्‍होंने कोटद्वार क्षेत्र की सभी महिला संगठनों से समारोह में पहुंच कर अपने बीच की उल्‍लेखनीय कार्य कर रहीं महिलाओं का हौशला बढ़ाने की अपील की है।

 

लाॕट सूबेदार बलभद्र सिंह नेगी :

गढ़वाल राईफल’ के गठन का मुख्य सूत्रधार लाॕट सूबेदार एवं ऑनरेरी कैप्टन बलभद्र सिंह नेगी को माना जाता है, वह 5वीं गोरखा राईफल में एक सामान्य सिपाही से लाॕट सूबेदार (उस काल में भारतीय सैनिकों का सर्वोच्च पद) बनने तक का उनका शानदार सैनिक सफर उत्कृष्ट साहस, दूरदर्शिता और कर्तव्य परायणता का रहा, उनकी अदम्य साहसिक सैनिक सेवाओं का उल्लेख लंदन गजेटियर में दर्ज है l सैनिक सेवाओं के दौरान उन्हें दो बार ‘ऑडर ऑफ मेरिट’ का अवार्ड दिया गया, साल 1887 में सेना से अवकाश ग्रहण करने के बाद बिट्रिश सरकार ने उनकी सराहनीय सैनिक सेवाओं का सम्मान करते हुए घोसीखाता (कोटद्वार) में 302 एकड़ भूमि सम्मान स्वरूप निःशुल्क प्रदान की और इस जगह को बलभद्रपुर नाम दिया, लाॕट सूबेदार बलभद्र सिंह नेगी का जन्म सन् 1829 में गलकोट, असवालस्यूं (पौड़ी गढ़वाल) में हुआ था, इनके पिता धन सिंह नेगी असवालस्यूं पट्टी के आजीवन पटवारी रहे l