बसन्तोत्सव में पहली बार बिखरी ‘फ्योली’ की चमक

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देहरादून। राजधानी के राजभवन (लोक भवन) परिसर में आयोजित भव्य ‘बसन्तोत्सव’ पुष्प प्रदर्शनी इस बार एक विशेष कारण से चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड के पहाड़ों की पहचान और लोक संस्कृति के प्रतीक ‘फ्योली’ के फूल को प्रदर्शित किया गया।

इस ऐतिहासिक पहल के सूत्रधार रहे  मनमोहन सिंह बटकोरा जिन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभागी के रूप में शिरकत करते हुए फ्योली को प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया। फ्योली को प्रदर्शनी में लाना केवल एक फूल का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह पहाड़ की संस्कृति और हिमालय के प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। मनमोहन सिंह बटकोरा का यह प्रयास न केवल नवाचार है, बल्कि हर हिमालयवासी के हृदय और मस्तिष्क में बसे ‘पहाड़ी बसंत’ को राजधानी के बीच जीवंत करने की एक भावुक कोशिश भी है। मनमोहन सिंह ने एक नहीं पहल पौधारोपण के जरिए जन्मदिन या मांगलिक कार्यों पर पौधे उपहार देने का प्रचलन बनाया है।  मनमोहन सिंह बटकोरा ने अपनी मिट्टी की सुगंध को चुनकर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया है।

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