Thursday, June 4, 2026
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आईटी पार्क की 98.5 एकड़ सरकारी भूमि के आवंटन प्रक्रिया में घोटाला

‘वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने दस्तावेजों के साथ की पत्रकार वार्ता’

देहरादून, उत्तराखंड के सबसे बड़े आईटी पार्क जो देहरादून के सहस्रधारा रोड पर स्थित है उसकी लगभग 98.5 एकड़ सरकारी भूमि, जिसका वर्तमान बाज़ार मूल्य करीब ₹4,000 करोड़ है, उसके आवंटन में गंभीर अनियमितताओं और संभावित घोटाले का मामले लगातार सामने आ रहा हैं, जिसके संबंध में आज कांग्रेस मुख्यालय से वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने तथ्यों व दस्तावेजों सहित प्रेस वार्ता की। अभिनव थापर ने वर्ष 2023 से आरटीआई के माध्यम से सिडकुल में भूमि आवंटन प्रक्रिया से संबंधित सभी फाइलें, नोटशीट, स्वीकृति आदेश और दस्तावेज़ मांगे, लेकिन 2 साल से अधिक समय निकल जाने के बाद भी न जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और न ही जांच कर दोषियों पर कार्यवाही हो रही है।

फर्स्ट अपील में भी कार्रवाई नहीं हुई :

23 अप्रैल 2024 में फर्स्ट अपील पर स्पष्ट आदेश दिया गया था कि – पत्रावली न मिलने पर ” विधिक कार्यवाही ” करें, किन्तु इसके बावजूद सिडकुल प्रशासन ने न एफआईआर दर्ज करने के आदेश का पालन किया और न ही सूचना प्रदान की, वहीं 30.05.2024 व 31.05.2025 के सिडकुल के पत्रों द्वारा स्पष्ट बताया गया कि ” आईटी पार्क आवंटन से सम्बंधित पत्रावली कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं है ।

मुख्य सूचना आयुक्त का आदेश भी अनदेखा !
सिडकुल से दस्तावेज़ न मिलने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने सेकंड अपील मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष दायर की। सुनवाई के दौरान आयोग में ‘ सिडकुल ने अपने रिकॉर्ड में दो से अधिक वर्षों तक यह दर्शाया कि “IT Park परियोजना हेतु PMC – M/s Feedback Ventures Pvt. Ltd. के चयन प्रक्रिया से संबंधित कोई फाइल उपलब्ध नहीं है।” मुख्य सूचना आयुक्त के 05.08.2025 के आदेश में इस “फाइल के गायब होने” पर FIR दर्ज करने के आदेश हुए । आश्चर्यजनक रूप से FIR करने के आदेश के बाद, यह फाइल 05 अगस्त 2025 के बाद सिडकुल में अचानक “TRACE” हो गई, जबकि इससे पहले इसे 2 वर्षों से अधिक समय से “UNTRACEABLE” बताया जा रहा था , वो पत्रावली FIR के आदेश के दबाव में मिल भी गई। ‘

अंतिम आदेश 16 सितंबर 2025 को सिडकुल को निर्देशित किया कि आवेदक को निशुल्क सूचना और फाइलों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं, लेकिन यह आदेश भी आज तक लागू नहीं हुआ।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने कहा की आईटी पार्क देहरादून की करीब ₹4,000 करोड़ कीमत वाली यह 98.5 एकड़ सरकारी भूमि देहरादून के सहस्त्रधारा रोड पर स्थित है। इसके आवंटन में बहुत बड़े घोटाले की संभावना है, भारी अनियमितताएं और कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाने के गंभीर संकेत विगत कुछ वर्षों से मिल रहे हैं, इसी कारण 2 वर्षों से अधिक समय से आरटीआई दस्तावेज़ों को दबाकर रखा गया है। यह जनता की संपत्ति है, जिसे गलत तरीके से बांटने और पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। यह प्रदेश के संसाधनों की लूट है और हम इस लूट के खिलाफ संघर्ष करेंगे ।”

तत्काल उच्च स्तरीय जांच और क्रिमिनल एफआईआर की मांग :

अभिनव थापर ने आगे कहा कि ‘ सिडकुल के जो अधिकारी आरटीआई में मुख्य सूचना आयुक्त के आदेशों का भी पालन नहीं कर रहे और दस्तावेज़ों को छुपा रहे, उनके खिलाफ तत्काल उच्च स्तरीय जांच बैठाई जाए और इस पूरे प्रकरण में क्रिमिनल FIR दर्ज की जाए की किन अधिकारियों ने वर्षों से इस फ़ाइल को दबा रखा था । यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक व अपराध का मामला भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस घोटाले को किसी भी हालत में दबने नहीं देगी और इसे जनता के बीच बड़े स्तर पर उठाएगी। ”
प्रेस वार्ता में अभिनव थापर के साथ उत्तराखंड कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी, पार्षद कोमल वोहरा, शीशपाल बिष्ट, मोहन काला, अरुण बलूनी व अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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