Thursday, March 5, 2026
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शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के कौशल-रोजगार पर केंद्रित प्रावधान सराहनीय : अभाविप

नई दिल्ली — अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद वित्त वर्ष 2026–27 के केंद्रीय बजट का स्वागत करती है। इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार और युवाओं की सहभागिता को केंद्र में रखते हुए किए गए प्रावधान देश की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। विशेष रूप से शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में बजट आवंटन में निरंतर वृद्धि इन क्षेत्रों को सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

केंद्रीय बजट 2026–27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹1,39,389 करोड़ तथा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹1,04,599 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले वर्षों की तुलना में यह बढ़ोतरी न केवल अवसंरचना विस्तार में सहायक होगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को व्यापक बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

अभाविप, बजट में विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा और शोध से जुड़े प्रावधानों को महत्त्वपूर्ण मानती है। विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता मद में 2026–27 के लिए ₹83,562 करोड़ तथा उच्च शिक्षा के लिए ₹55,727 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो विगत वर्षों की तुलना में वृद्धि को दर्शाता है। समग्र शिक्षा, पीएम-श्री, पीएम-उषा जैसी योजनाओं के लिए किए गए प्रावधानों से शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर और संस्थागत क्षमता को बल मिलेगा। प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का निर्णय उच्च शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगा।

बजट में ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ पर केंद्रित उच्चस्तरीय स्टैंडिंग कमेटी के गठन का प्रस्ताव युवाओं की रोजगारोन्मुखी तैयारी को संस्थागत आधार प्रदान करता है। इसके साथ ही औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर के निकट पाँच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का निर्णय शिक्षा-उद्योग समन्वय को सुदृढ़ करेगा। एवीजीसी (एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्र के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।

अभाविप युवाओं के लिए इंटर्नशिप और कौशल से जुड़े प्रावधानों को भी महत्त्वपूर्ण मानती है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत युवाओं को देश की अग्रणी कंपनियों में अवसर उपलब्ध कराने का उद्देश्य रोजगार-तैयारी को व्यावहारिक आधार देगा। इसके अतिरिक्त, पीएम-यशस्वी, अनुसूचित जाति पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति और अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं में बढ़ा हुआ आवंटन सामाजिक न्याय और शैक्षिक समावेशन को सुदृढ़ करता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट 2026-27 के अंतर्गत चिकित्सा शिक्षा एवं मानव संसाधन के लिए बढ़ा हुआ प्रावधान तथा स्वास्थ्य अवसंरचना के उन्नयन जैसे कदम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहायक हैं। चिकित्सा शिक्षा के लिए आवंटन में वृद्धि से प्रशिक्षित स्वास्थ्य-कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा,“वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं की क्षमता-निर्मिति को केंद्र में रखते हुए सर्वस्पर्शी है। शिक्षा क्षेत्र के बजट आवंटन में निरंतर वृद्धि, रोजगारोन्मुखी पहलें और स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से देश की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को संबोधित करने का प्रयास दिखाई देता है। इन प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने में सहायक होगा।”

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