गोपेश्वर। जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित ‘नाबार्ड प्रोजेक्ट लूम्स ऑफ नीति माणा सहकारी समिति’ की प्रगति को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला सहकारी बैंक चमोली के सभागार में आयोजित इस प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड रिव्यू कमेटी (PMRC) की अध्यक्षता महाप्रबंधक श्री सूर्य प्रकाश सिंह ने की। बैठक में तकनीकी भागीदार ‘लूम्स ऑफ लद्दाख’ की संस्थापक श्रीमती अभिलाषा बहुगुणा ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रोजेक्ट की अब तक की प्रगति साझा की। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत नए उत्पादों के नमूने तैयार करने, सामूहिक बैंक खाते के संचालन और बाजार के साथ जुड़ाव (मार्केट लिंकेज) पर तेजी से काम हो रहा है। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीण स्नातकों को प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे भविष्य में समिति का संचालन स्वयं कर सकें। कार्यशाला के दौरान स्थानीय ग्रामीण स्नातक महिलाओं—श्रीमती मीना, अनीता, सुश्री हंसा और सुश्री कृष्णा ने अपने स्टॉक, कच्चे माल और प्रतिपूर्ति रजिस्टरों का विवरण समिति के समक्ष रखा। क्षेत्रीय प्रधान कार्यालय और जिला सहकारी बैंक के एमडी ने इन युवाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें रजिस्टरों के बेहतर रखरखाव और प्रारूप पर तकनीकी सलाह दी।
जिला उद्योग अधिकारी सुश्री अंजलि रमन ने हथकरघा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिससे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और बाजार में उसकी मांग बढ़ सके। डीडीएम चमोली श्री श्रेयांश जोशी ने नाबार्ड की ओर से दी जा रही सहायता और भविष्य की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। बैठक में अगली तिमाही के लक्ष्यों का निर्धारण किया गया और आरओ नाबार्ड, एलडीएम एसबीआई व जिला उद्योग कार्यालय के अधिकारियों से राय ली गई।
बैठक में कार्यान्वयन एजेंसी ‘मानव सेवा समिति’ के प्रतिनिधि, श्री महेश खंकरियाल, जिला उद्योग कार्यालय के अधिकारी और विभिन्न विभागों के सदस्य मौजूद रहे। सभी विशेषज्ञों ने इस बात पर संतोष जताया कि नीति-माणा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में सहकारिता और आधुनिक कौशल के माध्यम से आजीविका के नए द्वार खुल रहे हैं।



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