Thursday, May 8, 2025
Home Blog Page 689

खास खबर : प्रदेश में निशुल्क वितरित होंगे शीतकालीन फल पौंध : उद्यान मंत्री गणेश जोशी

0

‘सेब, खुमानी, आडू, प्लम, नाशपाती, अखरोट, कीवी आदि प्रजातियों के पौधे किये जाऐंगे वितरित’

‘वर्तमान में राजकीय उद्यानों में उपलब्ध हैं 2.60 लाख पौंधे’

देहरादून, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार के विजन-2025 के अन्तर्गत बागवानी फसलों का उत्पादन दोगुना किये जाने के लिए कृषकों को अधिक से अधिक फलदार पौधों का वितरण कर लक्ष्य को पूर्ण किया जा सकता है और हमने राजकीय पौधालयों में उत्पादित समस्त शीतकालीन फल पौधों को कृषकों के प्रक्षेत्र में रोपण किये जाने के लिए निःशुल्क वितरित किये जाने का निर्णय लिया गया है। विदित हो कि सरकार द्वारा शीतकालीन पौंधों का निशुल्क वितरण प्रदेश में पहली बार किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि राज्य में स्थापित 93 राजकीय उद्यानों या पौधालयों में मौसम वर्षाकालीन एवं शीतकालीन में विभिन्न प्रकार की फल पौध रोपण सामग्री उत्पादित की जाती है। राजकीय उद्यानों में शीतकाल में मुख्य रूप से सेब, खुमानी, आडू, प्लम, नाशपाती, अखरोट, कीवी आदि प्रजातियों के पौधे तैयार किये जाते हैं। इस वर्ष शीतकालीन में लगभग 2.60 लाख फल पौधे राजकीय उद्यानों में उपलब्ध हैं, जिनका वितरण प्रदेश भर में निशुल्क किया जाऐगा। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की बागवानी को एक नई ऊँचाई प्रदान कर सरकार के विजन-2025 तक बागवानी के उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य को सफल बनाने में सभी का सहयोग अपेक्षित है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार का संकल्प है कि जब राज्य निर्माण की रजत जयंती होगी, तब हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में होगा। मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हमने आम नागरिकों और औद्योनिक क्षेत्र में कार्य कर रहे कृषिकों के साथ चर्चा कर प्रदेश में बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अहम निर्णय लिये। जहां पहले सिर्फ कुछ ही वरायटी के लिए परमिशन दी जाती थी, वहीं अब एम-7, एम-9, एमएम-106 एवं एमएम-111, सीडलिंग रुटस्टाक में से जो भी बागवान को ठीक लगे, उसे वह अपने बगीचें में लगा सकता है।

विदित हो कि इस सम्बन्ध में शासन द्वारा दिनांक 16 जनवरी, 2023 को शासनादेश निर्गत किया चुका है। राज्य के समस्त कृषक या बागवान एवं इच्छुक व्यक्ति अपने प्रक्षेत्र पर फलदार पौधों के रोपण के लिए अपने जनपद में स्थापित उद्यान सचल दल केन्द्र/मुख्य उद्यान अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर निःशुल्क फल पौध प्राप्त कर रोपण कर सकते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा में 76 हजार, बागेश्वर में 7 हजार, पिथौरागढ़ में 18 हजार, चम्पावत में 14 हजार, नैनीताल में 25 हजार, चमोली में 10 हजार, पौड़ी में 15 हजार, कोटद्वार में 9 हजार, उत्तरकाशी में 51 हजार, टिहरी में 10 हजार एवं देहरादून 7 हजार पौंधे राजकीय पौंधालयों में शीतकालीन फल उपलब्ध हैं।

 

पंजाब नेशनल बैंक ने सीएसआर के तहत राजकीय इण्टर कालेज, डोभालवाला में छात्र-छात्राओं को वितरित किये स्वेटर

देहरादून, राजकीय इण्टर कालेज, डोभालवाला में पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से सीएसआर के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को स्वेटर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर मंत्री जोशी ने विद्यालय के कक्षा 1 से कक्षा 12वीं तक के छात्र छात्राओं को गर्म स्वेटर वितरित किए गये, मंत्री जोशी ने अपने संबोधन में कहा की यह विद्यालय मेरे गृह क्षेत्र का है और समय समय पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जो भी आग्रह किया जाता है उससे मैं पूर्ण करने का हर समय प्रयास करता हूं। मंत्री ने कहा की किसी भी समाज की ताकत का आकलन धन दौलत से नहीं बल्कि इस बात से है कि वहां के कितने लोग शिक्षित हैं। उन्होंने कहा शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा और शारीरिक शिक्षा का होना भी बेहद जरूरी है। मंत्री जोशी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। देश में शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। उन्होंने कहा प्रदेश में शिक्षा को और बेहतर करने के लिए अटल आदर्श विद्यालय स्थापित किए गए हैं । मंत्री जोशी ने कहा आधुनिक दौर में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों मैं कंप्यूटर इंटरनेट इत्यादि की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इस अवसर पर मंत्री जोशी ने ठंड के मौसम में गर्म स्वेटर विद्यालय के छात्रों को वितरण के लिए पीएनबी के इस सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही मंत्री जोशी ने कहा कि इस विद्यालय के लिए जो भी जरुरते है वह समय समय पर पूरा किया गया है ओर आगे भी अगर आवश्यकता होगी उसे भी पूरा किया जायेगा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा मंत्री जोशी से विद्यालय के लिए 10 कंप्यूटर की मांग की जिसपर मंत्री जोशी ने शीघ्र ही विद्यालय में कंप्यूटर देने की बात कही।
इस अवसर पर एजीएम पीएनबी बैंक अजीत उपाध्याय, मुख्य प्रबंधक सरवेश भारनावड़ी, अलका अशुपम, ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक पुंडीर, मोहन बहुगुणा, प्रमोद जुयाल, प्रदीप रावत, पार्षद सतेंद्र नाथ सहित कई लोग उपस्थित रहे।

रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से शिक्षा मंत्री ने बांटे 169 बच्चों को वितरण किए हाजिनिंग किट

0

देहरादून, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ननूरखेड में रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित बच्चों को हाजिंनिग किट वितरण किए गए। इस मौके पर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत मौके पर पहुंचे और बच्चों को हाजिंनिग वितरण किया गया।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बच्चों के विकास के बारे में बताया और कहा कि खेल के साथ साथा अन्य गतिविधियों करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विनम्रता व्यक्ति को महान बनाती है। संस्कार एवं विनम्रता वाला व्यक्ति जीवन में कुछ अच्छा कर ही लेता है। ऐसे व्यक्ति समाज की अनमोल निधि होते हैं। लिखना पढऩा खेलना कूदना अच्छे संस्कार व विचार होन चाहिए।

चेयरमैन कुन्दन सिंह टोलिया ने बच्चों को रेड क्रॉस सोसाइटी के द्वारा किए जा रहे कार्यो की बारे में जानकारी दी है और कहा कि यह संस्था प्रदेश व आमजन के हित में ठोस कार्य कर रही है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर चलने का नाम जीवन है। छात्रों को शुभकामनाएं देते जीवन में सदैव सकारात्मक रहते हुए, देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर 169 बच्चों को हाजिंनिंब किट वितरण किया गया |
इस मौके पर सोसाइटी के कोषाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री ने बच्चों को आर्शीवाद दिया और उनके भविष्य की शुभकामनात करते हुए कहा कि बच्चे देश के भविष्य है उन्हें अपने जीवन में आगे बढना चाहिए और देश प्रदेश के साथ-साथ स्कूल व अपने मां बाप का नाम रोशन करना चाहिए यह संस्कार बच्चों में होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश है तो हम हैं। देश के पीछे सब कुछ अच्छा लगता है। देश को अच्छा करने के लिए हर नागरिक का योगदान होता है। जिस देश का हर नागरिक अच्छा है, तो देश अपने आप ही अच्छा हो जाता है। इस मौके कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे |

टी.सी.पी. तिराहा जोशीमठ के पास उद्यान विभाग की भूमि को मॉडल प्री-फैब्रिकेटेड हट बनाये जाने हेतु चिन्हित किया गया

0

देहरादून, सचिव आपदा प्रबन्धन डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने मंगलवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र में हो रहे भू-धंसाव एवं भूस्खलन के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत एवं बचाव, स्थायी/अस्थायी पुनर्वास आदि से सम्बन्धित किये जा रहे कार्यो की मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की ओर से विस्थापन हेतु अग्रिम के रूप 207 प्रभावित परिवारों को 3.10 करोड़ रूपये की धनराशि वितरित कर दी गयी है। राहत की खबर है कि जोशीमठ में प्रारम्भ में निकलने वाले पानी का डिस्चार्ज जो कि 6 जनवरी 2023 को 540 एल.पी.एम. था, वर्तमान में घटकर 123 एल.पी.एम. हो गया है। सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि भारत सरकार के स्तर पर केन्द्र के तकनीकी संस्थानों को जोशीमठ के अर्न्तगत आपदाग्रस्त क्षेत्र की अध्ययन रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने हेतु टाईमलाइन दी गयी है। सीबीआरआई के 10 वैज्ञानिकों की टीम को तीन सप्ताह, एनजीआरआई के 10 वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट दो सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट तीन सप्ताह, वाडिया संस्थान के 07 वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट दो सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट दो माह, जीएसआई के सात वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट दो सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट दो माह, सीजीडब्ल्यूबी के 04 वैज्ञानिकों की टीम को प्रारम्भिक रिपोर्ट एक सप्ताह तथा अन्तिम रिपोर्ट तीन सप्ताह तथा आईआईआरएस को एक सप्ताह में प्रारम्भिक रिपोर्ट तथा तीन माह में अन्तिम रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि टी.सी.पी. तिराहा जोशीमठ के पास उद्यान विभाग की भूमि को मॉडल प्री-फैब्रिकेटेड हट बनाये जाने हेतु चिन्हित किया गया है। जे.पी. के 15 भवनों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें तोड़ने का कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है।
सचिव आपदा प्रबन्धन ने जानकारी दी कि अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2190 लोगों की है तथा पीपलकोटी में 491 कक्ष हैं जिनकी क्षमता 2205 लोगों की है। अभी तक 849 भवनों में दरारें दृष्टिगत हुई है। सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। उन्होनें जानकारी दी कि गांधीनगर में 01, सिंहधार में 02, मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र / वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं। 167 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 250 परिवार सुरक्षा के दृष्टिगत अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 838 है।
प्रेस वार्ता में अपर सचिव आपदा प्रबन्धन, निदेशक उत्तराखण्ड भूस्खलन प्रबन्धन एवं न्यूनीकरण संस्थान, निदेशक वाडिया संस्थान, निदेशक आईआईआरएस देहरादून, निदेशक एनआईएच तथा निदेशक आईआईटीआर उपस्थित थे।

जोशीमठ और उत्तराखंड के प्रभावित लोगों को मोरारी बापू ने 5 लाख की मदद की पेशकश

0

पिछले कुछ दिनों से समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से ज्ञात हो रहा है कि जोशीमठ शहर और उसके आस-पास के क्षेत्र जो कि उत्तराखंड राज्य का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, भूस्खलन के कारण काफी संपत्ति की क्षति का सामना कर रहा है। ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि वहां रहने वाले लोगों को वर्षों से स्थानांतरित करना पड़ रहा है।

यह स्थिति स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है। ऐसी विकट परिस्थिति में जोशीमठ और उसके आसपास के क्षेत्रों में विस्थापितों और प्रभावितों की सहायता के लिए पूज्य मोरारी बापू की प्रेरणा से लंदन स्थित रमेशभाई सचदेव द्वारा श्री हनुमान जी की प्रसादी के रूप में पांच लाख रुपये भेजे जाएंगे। इस कार्य को पूरा करने के लिए रामकथा के श्रोता उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं अन्य अधिकारियों के संपर्क में रहकर उनका मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे और यह सहायता राशि स्थानीय लोगों तक पहुंचेगी।

निरंकारी भक्ति पर्व समागम प्रतिपल समर्पित भक्ति भाव से भरा जीवन ही एक उत्सव है

0

दिल्ली, प्रतिपल समर्पित भाव से जीवन जीने का नाम ही भक्ति है जिसमें जीवन का हर पल उत्सव के समान बन जाता है।’ उक्त् उद्गार निरंकारी सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा (हरियाणा) में आयोजित ‘भक्ति पर्व समागम’ के विशेष सत्संग समारोह के अवसर पर एकत्रित विशाल जन-समूह को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए गये। इस कार्यक्रम का लाभ लेने हेतु दिल्ली एंव एन. सी. आर. सहित अन्य स्थानों से भी हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित हुए। भक्ति पर्व समागम के अवसर पर परम संत सन्तोख सिंह जी एवं अन्य संतों भक्तों के तप-त्याग को स्मरण किया जाता है जिन्होंने ब्रह्मज्ञान की दिव्य रोशनी के प्रचार प्रसार हेतु निरंतर प्रयास किया। यह पर्व समूचे विश्व में मनाया गया।

भक्ति की परिभाषा को सार्थक रूप में बताते हुए सत्गुरु माता जी ने फरमाया कि भक्ति का अर्थ तो सरल अवस्था में जीवन जीना है जिस पर चलकर आनंद की अवस्था को प्राप्त किया जा सकता है। इसमें चतुर चालाकियों का कोई स्थान नहीं। भक्ति तो सपंूर्ण समर्पण वाली भावना है जिसमें समर्पित होना ही सर्वोपरि है। संतों महापुरूषों के वचनों से हमें निरंतर यही शिक्षा मिलती आ रही है कि हमने औरो को प्राथमिकता देनी है किन्तु हम प्रायः ऐसा नहीं करते। हम प्रथाओं एंव आडम्बरों में ऐसे बंध जाते है कि भ्रमों में उलझकर रह जाते है। वास्तविकता यही है कि जब हम इस निरंकार से जुड़ते है तब हमारे सभी भ्रम समाप्त हो जाते है।

सत्गुरू माता जी ने बाबा गुरबचन सिंह जी की शिक्षाओं से एक उदाहरण दिया कि जिस प्रकार एक घर बनाने से पूर्व उसका नक्शा बनता है। फिर उस पर ही घर का निर्माण किया जाता है। जब तक वह निर्मित नहीं होता उसका आनंद प्राप्त नहीं किया जा सकता। ठीक उसी प्रकार भक्ति का आधार सेवा, सुमिरन, सत्संग है जिसमें हमने सभी से मीठा बोलते हुए सभी के लिए परोपकार की भावना रखनी है किन्तु यह धारणा वास्तविक रूप में होनी चाहिए न कि दिखावे वाली।

भक्ति स्वंय की यात्रा है इस दातार से जुड़ने का एक सरल मार्ग है। ऐसी भक्ति ही जीवन को सार्थक बनाती है और दुनियावी दिखावों से मुक्त करती है। भक्ति से सराबोर संत अपना जीवन साधारण रूप में जीता है और दुनियावी चकाचैंध का फिर उस पर प्रभाव नहीं पड़ता। वह दूसरों के दुख को समझते हुए उनके प्रति अपनत्व का भाव ही अपनाता है। उसका जीवन एक नदी के समान प्रवाहित होने वाली एक अवस्था बन जाता है।

माया के प्रभाव का जिक्र करते हुए सत्गुरू माता जी ने समझाया कि जिस प्रकार निरंकार की बनाई हुई सृष्टि में अनेक भिन्नताएं होते हुए भी सभी में इस निरंकार का वास है उसी प्रकार संसार की हर एक वस्तु जिसमें माया का स्वरूप है वह क्षणभंगुर है, अतः उससे जुड़ाव न करके इस स्थिर परमात्मा से जुड़ना है। संतों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपनी भक्ति को दृढ़ बनाना है।

भक्ति पर्व के अवसर पर निरंकारी राजपिता जी ने सत्गुरु माता जी से पूर्व अपने भावों को व्यक्त करते हुए कहा कि भक्त का जीवन तभी भक्ति भरा बनता है जब उसके आचरण एवं व्यवहार से प्रेम रूपी महक आये। स्वंय को सत्गुरु के आगे समर्पित करते हुए आनंदित एंव उत्सव वाला जीवन जीये। अपने कर्मो के प्रभाव से औरो के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें। गुरू के बताये हुए वचनों को सत्यवचन मानकर जीवन जीना ही भक्ति है। हर पल में केवल शुकराने का भाव प्रकट करना ही सच्चे भक्त की अवस्था है।

भक्ति कोई दिखावा या आडम्बर नहीं कि लोग उससे भयभीत हो। भक्ति का अर्थ तो साकार से इस निरंकार की प्राप्ति करके इससे एकमिक होने की अवस्था है। राजपिता जी ने उदाहरण दिया जिसमें उन्होंने बताया कि आर्कस्ट्रा की ध्वनि को निर्देशित करने हेतु एक निर्देशक होता है जो अन्य वाद्यय यंत्र बजाने वालो को प्रायः निर्देश देता है और जिसके परिणामस्वरूप एक सुंदर ध्वनि श्रवण होती है किन्तु यदि उनमें से किसी एक ने भी अपनी मनमति अनुसार कार्य किया तो उसकी ध्वनि ही बदल जायेगी। कहने का भाव केवल यही कि जब हम लालच, मोह, स्वार्थ जैसे भ्रमों में फंस जाते है तब हमारे जीवन से आनंद रूपी मधुरता समाप्त हो जाती है। हमारे जीवन मेें गुरु का विशेष महत्व होता है वहीं सच्चा मार्गदर्शक एंव प्रेरक होता है जो अपने सकारात्मक प्रभाव से हमें मूल्यवान बना देता है, अतः उनके बिना भक्ति संभव नहीं। ऐसी अवस्था ही भक्ति वाली होती है और हमारे जीवन का आधार भी यही है।
इसी श्रृंखला में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी भक्ति पर्व समागम का आयोजन किया गया इस समागम में उमड़े जन सैलाब ने भक्ति के मर्म पर प्रकाश डाला और सद्गुरु का आभार प्रकट किया जिनके मार्गदर्शन से हमे भक्ति करने का अवसर प्रदान हो रहा है

अंत में सत्गुरु माता जी ने सभी श्रद्धालुओं एंव संतों को भक्ति मार्ग पर अग्रसर होने हेतु प्रेरित किया तथा पुरातन संतों की भक्ति भावना से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।

नाले में मिला महिला का शव

0

हरिद्वार 17 जनवरी (कुलभूषण)  कोतवाली क्षेत्र रानीपुर की चौकी गैस प्लांट को सूचना मिलने पर कि चौकी परिसर के फैमिली क्वार्टर के पीछे मुख्य सड़क से लगते हुए नाले में एक महिला का शव मिलने की सूचना पर एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह द्वारा एसपी क्राइम रेखा यादव व कोतवाली पुलिस फोर्स के साथ मौका निरीक्षण किया गया।

नाले से शव निकालने पर महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करने पर पाया कि मृतका के शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं है महिला की उम्र करीब 32 वर्ष जिसने नीले और लाल रंग का कुर्ता व लाल रंग की गरम पजामी पहनी है जिसके पास बादामी रंग का एक पर्स जिसमें एक सैमसंग मोबाइलए किसी कंपनी का जॉब कार्ड जिस पर कृष्णा नाम अंकित है। जिसकी जांच की जा रही है।

मृतका की शिनाख्त के संदर्भ में कोतवाली रानीपुर पुलिस  द्वारा  प्रयास किया जा रहा है अगर किसी को इस संदर्भ में जानकारी है तो कृपया कोतवाली रानीपुर पुलिस से संपर्क करें।

गंगा सभा के सभापति अध्यक्ष व महामंत्री पद हेतु तीर्थ पुरोहित करेगें आज मतदान

0

हरिद्वार ( कुलभूषण ) हरकी पौडी प्रबन्धन समिति गंगा सभा के चुनावों को लेकर गंगा सभा प्रधान सभा की बैठक ज्वालापुर स्थित मालवीय धाम ज्वालापुर में आयोजित की गयी। जिसमें गंगा सभा के सभापति अध्यक्ष व महामंत्री पद पर होने वाले चुनाव को लेकर विभिन्न उम्मीदवारो ने अपने अपने नामांकन पर्चे भरे जिनमें सभापति पद पर कृष्ण कुमार शर्मा ठेकेदार   प्रदीप झा  अनिल कौशिक अध्यक्ष पद पर नितिन गौतम राम कुमार मिश्रा वीरेन्द्र श्रीकुंज तथा महामंत्री पद पर तन्मय वशिष्ठ श्रीकांत वशिष्ठ ओमेश शर्मा ने नामांकन किया।
मुख्य चुनाव अधिकारी अश्वनी जगता ने बताया कि तीनो पदो  के लिए मतदान 18 जनवरी को मालवीय भवन ज्वालापुर में सुबह नौ बजे से शाम तीन बजे तक सम्पन्न कराया जायेगा। तथा मतदान के बाद मतगणना का कार्य सम्पन्न करा देर शाम चुनावी परिणामों की घोषणा की जायेगी। चुनाव सम्पन्न कराने को लेकर सभी तैयारिया पूर्ण कर ली  गयी है।
गंगा सभा के चुनावों को लेकर सर्दी के इस मौसम में तीर्थ पुरोहितो में समाज की राजनीति का पारा अपने चरम पर है। तीनों गुटो के द्वारा अपनी अपनी जीत के दावे किये  जा रहे है। गंगा सभा के चुनावों को तीर्थ पुरोहितों में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जो उम्मीदवार सभापति अध्यक्ष व महामंत्री के पदो पर चुनकर आते है वह चार वर्ष तक विश्व प्रसिद्व हरकी पौडी की प्रबन्ध व्यवस्था का संचालन करते है। जिसके चलते इन चुनावों में तीर्थ पुरोेहित बहुत जोर शोर के साथ प्रतिभाग करते है। इन चुनावों में चुनावी समर में उतरने वाली सभी उम्मीदवार आपस में रिश्तेदार होने के बावजूद चुनावी समर में एक दूसरे के सामने तलठोक कर खडे होते है। जिसके चलते यह चुनाव काफी रोचक हो जाता है।

आगराखाल-कुसरेला मार्ग पर ऑल्‍टो कार खाई में गिरी, तीन लोगों की मौके पर मौत

0

टिहरी, आगराखाल-कुसरेला मार्ग के पास एक ऑल्‍टो कार हादसे की शिकार हो गई। हादसे में तीन कार सवारों की मौत हुई है और एक सवार घायल हुआ है। यह हादसा ग्राम सलडोगी के पास हुआ। सूचना पाकर एसडीआरएफ ढालवाला घटनास्थल के लिए रवाना हुई है।जानकारी के मुताबिक मंगलवार दोपहर साढ़े 12 बजे लगभग कुसरेला मोटर मार्ग ग्राम सलडोगी के समीप ऑल्टो कार खाई में गिर गई। कार में तीन व्यक्ति सवार थे। तीनों की घटनास्थल पर मृत्यु हो गयी। सभी कार सवार आगराखल से सलडोगी गांव जा रहे थे।

मृतकों के नाम

दीवान सिंह पुत्र सुन्दर सिंह उम्र 52 वर्ष, पता ग्राम फकोट।

सतीश सिंह पुत्र जगत सिंह उम्र 37 वर्ष, पता ग्राम कसमोली।

कुंवर सिंह पुत्र शेर सिंह उम्र 57 वर्ष, पता ग्राम आगराखल

जोशीमठ के छात्रों को बोर्ड परीक्षा केन्द्र चुनने की छूटः डॉ0 धन सिंह रावत

0

देहरादून, जोशीमठ में भू-धंसाव से प्रभावित छात्र-छात्राओं की परेशानी देखते हुये उन्हें बोर्ड परीक्षा के लिये परीक्षा केन्द्र चुनने की छूट दी जायेगी, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। शीघ्र ही प्रभावित छात्र-छात्राओं से परीक्षा केन्द्र के लिये विकल्प मांगे जायेंगे। बोर्ड परीक्षाओं में परीक्षार्थियों का मनोबल बढ़ाने के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम’ का प्रदेशभर के स्कूलों में आयोजन किया जायेगा। इसके साथ ही सूबे के स्कूलों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वारियर’ की थीम पर चित्रकला प्रतियागिता का भी आयोजन किया जायेगा। जिसके आयोजन की तैयारियों के बावत विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिये गये हैं। बैठक में विभागीय अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु विभिन्न मदों में स्वीकृत बजट को शीघ्र व्यय कर उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को उपलब्ध करने को कहा गया है।

आपदा प्रभावित क्षेत्र जोशीमठ दौरे से वापस लौटने पर विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज शिक्षा महानिदेशालय ननूरखेड़ में विभागीय बैठक ली। जिसमें डॉ0 रावत ने राहत कैम्पों में रह रहे प्रभावित छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केन्द्र चुनने की छूट देने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि भू-धंसाव से प्रभावित छात्रों को बोर्ड परीक्षा देने में कोई परेशानी न हो इसके लिये उन्हें अपनी सुविधानुसार किसी भी शहर में परीक्षा केन्द्र चुनने की छूट देने का निर्णय लिया है। इसके लिये जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूची तैयार कर शीघ्र संबंधित बोर्ड के अधिकारियों को प्रभावित छात्र-छात्राओं का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। बैठक में डॉ0 रावत ने बताया कि जोशीमठ आपदा प्रभावित क्षेत्र के अधिकतर छात्र-छात्राएं उत्तराखंड बोर्ड व सीबीएससी बोर्ड के विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इस संबंध में सीबीएससी बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी व उत्तराखंड बोर्ड के सचिव को प्रभावित छात्र-छात्रों को उनकी सुविधानुसार बोर्ड परीक्षा केन्द्र आवंटित कराने के निर्देश दे दिये गये हैं। बैठक में डॉ0 रावत ने आगामी 27 जनवरी को प्रधानमत्रीं के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम’ की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यक्रम के माध्यम से बोर्ड परीक्षाओं में प्रतिभाग करने वाले परीक्षार्थियों को सम्बोधित करेंगे। प्रदेश के सभी विकासखंड मुख्यालयों के विद्यालयों में इस कार्यक्रम को आयोजित किया जायेगी, जिसकी सभी तैयारियों के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि आगामी 20 जनवरी से 23 जनवरी तक प्रदेशभर के विद्यालयों में चित्रकला प्रतियागिता का आयोजन किया जायेगा, जोकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वारियर’ की थीम पर आधारित होगी। जिसमें विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र भी दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों कार्यक्रमों में सांसद, स्थानीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति जरूरी है। इसके विभागीय अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, सीबीएससी बोर्ड के संयुक्त सचिव व क्षेत्रीय अधिकारी रणवीर सिंह चौहान, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर0के0 कुंवर, निदेशक प्राथमिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक आर0डी0 शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

खास खबर : धामी सरकार में बेरोजगारों के लिये खुशखबरी, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने 824 स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता (महिला) का अंतिम रिजल्ट किया जारी

0
देहरादून, स्वास्थ्य विभाग में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 824 पदों पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया है।
बेरोजगारों के सपने पूरे करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रतिबद्ध हैं। रोजगार सृजन की दिशा में धामी सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गत दिनों धामी सरकार के स्वास्थ्य विभाग में 824 स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड के स्तर से प्रारंभ की गयी थी। अब इस परीक्षा का अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया गया है। 824 पदों पर अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मिलने से उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊर्जा प्रदान होगी। दरअसल, राज्य के पर्वतीय जिलों में पैरामेडिकल स्टाफ की भी निरंतर कमी बनी हुई थी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सेवाओं में आने से अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होने के साथ ही आमजन को भी काफी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग की ओर से तमाम रिक्त पदों पर भर्ती के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के मुताबिक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर नई भर्ती से पर्वतीय क्षेत्रों में निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।

 

https://ukmssb.org/