खास खबर : फिर एक हफ्ते बढ़ा कोरोना कर्फ्यू दुकानें खुलने में छूट बढ़ी, अब राज्यवासी कहीं पर भी बिना किसी रोक-टोक के आ जा सकेंगे

देहरादून, उत्तराखंड में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते कोरोना कर्फ्यू में एक हफ्ते की और बढ़ोतरी करते हुए सरकार ने अब कुछ रियासतों के साथ बाजार खुलने की छूट दी गई है, प्रदेश सरकार ने 1 हफ्ते और बढ़ाया कोरोना कर्फ्यू,कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने इस दौरान एक बड़ी छूट मैदान से पहाड़ में जाने वाले लोगों को राहत दी है जिसके तहत एंटीजन और रैपिड टेस्ट की रिपोर्ट अब अनिवार्य नहीं होगी अब राज्यवासी कहीं पर भी बिना किसी रोक-टोक के आ जा सकेंगे दुकानों के समय को सुबह 8:00 से रात को 9:00 बजे तक तमाम दुकानें खुली रहेंगी हवाई मार्ग से जो यात्री आ रहे हैं अगर उन्होंने दोनों वैक्सीन लगा दी है तो राज्य में उन्हें आने की अनुमति दी जाएगी | वहीं वाटर पार्क और मल्टीप्लेक्स को भी
खोलने का निर्णय 50% की संख्या के हिसाब से लिया गया है

अबतक 20 जुलाई के लिए कर्फ्यू लगाया गया था, लेकिन अब कोरोना कर्फ्यू 27 जुलाई सुबह 6 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है. हालांकि, यात्रियों और व्यापारियों को इस बार कुछ खास रियायत भी दी गई हैं।

राज्य सरकार ने यात्रियों को छूट देते हुए कहा कि मैदान से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को किसी टेस्ट की आवश्यकता नहीं होगी. यानी प्रदेश के अंदर यात्रियों को आवाजाही पर आरटी पीसीआर या रैपिड टेस्ट नहीं करवाना होगा. इस बार व्यापारियों को भी राहत दी गई है. व्यापारी अब सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक अपनी दुकानों को खोल सकेंगे. इससे पहले यह समय शाम 7 बजे तक ही था।

इसके साथ ही हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने की स्थिति में किसी टेस्ट की जरूरत नहीं होगी और राज्य में उन्हें एंट्री दी जाएगी. राज्य के वाटर पार्क और मल्टीप्लेक्स को 50% तक की कैपेसिटी तक खोलने की अनुमति दी गई है. बाकी नियम पूर्व की तरह ही अगले हफ्ते तक लागू रहेंगे।

उत्तराखंड में लगातार कोरोना कम हो रहा है लेकिन सरकार रिस्क लेने के मूड में नही है। कोविड-19 कर्फ्यू 27 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग आज शाम एस ओ पी जारी करेगा। आपको बता दें 20 जुलाई से बढ़ाएं जाने वाले कोरोना कर्फ्यू को 27 जुलाई की सुबह 6:00 बजे तक बढ़ाया गया है कि इसमें पुरानी एसओपी जैसी ही व्यवस्थाएं रहेंगी, विवाह समारोह शव यात्रा में 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति रहेगी, जबकि सभी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान फिलहाल बंद ही रहेंगे ऑनलाइन कक्षाओं के डिस्टेंस लर्निंग की अनुमति होगी कोचिंग संस्थान फिलहाल 50% क्षमता के साथ ही चलेंगे सामाजिक राजनीतिक मनोरंजन शैक्षिक सांस्कृतिक गतिविधियां फिलहाल बंद रहेंगी।