Thursday, May 14, 2026
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26 साल बाद भी सेवा नियमावली नहीं, लैब तकनीशियनों में नाराजगी, सरकार से तत्काल भर्ती की मांग

देहरादून, उत्तराखंड़ में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट (एमएलटी) युवाओं की उपेक्षा को लेकर नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड ने सरकार को पत्र भेजकर स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने, पद सृजन और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक लैब तकनीशियनों के लिए कोई ठोस नीति लागू नहीं हो सकी है, जिससे सैकड़ों प्रशिक्षित युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। संगठन ने मांगे नहीं माने जाने पर 19 मई को सचिवालय कूच करने के साथ अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया जायेगा।
स्थानीय प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुये मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संगठन के पदाधिकारियों के कहां कि प्रदेश में लंबे समय से भी बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी कोर्स संचालित हो रहा है और हर साल बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पास हो रहे हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर रोजगार के अवसर न के बराबर हैं। पंजीकरण होने के बावजूद अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिल पा रही, जिससे उनमें निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
संगठन ने आरोप लगाया कि पूर्व में आईपीएचएस 2012 मानकों के अनुरूप पदों के सृजन और सेवा नियमावली का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन शासन स्तर पर बार-बार आपत्तियां लगाकर उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। वहीं दूसरी ओर, सरकार द्वारा कई सरकारी लैब्स को निजी कंपनियों के माध्यम से संचालित किए जाने से स्थायी रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं। निजी लैब्स की जांच रिपोर्टों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते रहे हैं, जिससे आम जनता का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
संगठन का कहना है कि प्रदेश के पर्वतीय और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में लैब तकनीशियनों की भारी कमी है। ऐसी स्थिति में लोगों को छोटी-छोटी जांचों के लिए भी दूर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन की बर्बादी के साथ स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ता है।
कई वर्षों से लगातार मांगों और आंदोलनों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से बेरोजगार लैब तकनीशियन खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ऐसे में संगठन ने सरकार से मांग की है कि आईपीएचएस 2012 के अनुसार जल्द से जल्द पदों का सृजन किया जाए, रिक्त पदों को वर्षवार मेरिट के आधार पर पारदर्शी तरीके से भरा जाए और जो अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं, उन्हें एकमुश्त आयु में छूट दी जाए।
संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के लैब तकनीशियन आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश आशीष भट्ट,महासचिव मयंक राणा ,रजत, गणेश गोदियाल, भगवती प्रसाद शामिल रहे।

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