हरिद्वार (कुलभूषण) गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सुभाष विद्यालंकार के अस्थि विसर्जन के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में यज्ञ एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माता लाल देवी यज्ञशाला में हुआ, जिसके उपरांत विश्वविद्यालय के सामने स्थित गंगा घाट पर विधि-विधान से अस्थियों का विसर्जन किया गया। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों फिलीपींस की राजधानी मनीला में लंबी बीमारी के चलते प्रो. सुभाष विद्यालंकार का निधन हो गया था। उनके परिजन अस्थि कलश लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय पहुंचे।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि प्रो. सुभाष विद्यालंकार गुरुकुल की परंपराओं के सशक्त संवाहक थे। उन्होंने विश्वविद्यालय को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आदर्श और मार्गदर्शन सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
प्रो. प्रभात कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने संस्थान को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। उनकी आत्मीयता और व्यक्तित्व गुरुकुल परिवार के लिए सदैव अनुकरणीय रहेगा।
सेवानिवृत्त कुलसचिव प्रो. भारत भूषण विद्यालंकार ने कहा कि प्रो. विद्यालंकार के जीवन में गुरुकुल ही सर्वोपरि था। उन्होंने शिक्षा जगत में अनेक नए आयाम स्थापित किए।
सभा में कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने कहा कि उनके दिखाए मार्ग पर विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है। वे हमारी प्रेरणा के स्रोत रहेंगे।
इस अवसर पर पूर्व कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने दिवंगत कुलपति प्रो.सुभाष विद्यालंकार के कई संस्मरण को भावप्रण होकर याद किया। इस अवसर पर वित्ताधिकारी प्रो. वी.के. सिंह, प्रो. ब्रह्मदेव, प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री,डॉ. बबलू वेदालंकार, डॉ. शिव कुमार चौहान, डॉ. अजित तोमर,डॉ. विक्रम सिंह, रमेश चन्द्र,समीर, रविन्द्र, कुलभूषण शर्मा सहित ने श्रद्धांजलि अर्पित की। यज्ञ का संचालन डॉ. दीनदयाल ने किया।
श्रद्धाजंलि सभा में स्वर्गीय प्रो. सुभाष विद्यालंकार की पुत्रियां काजल और सुजाता गुप्ता, बहन स्नेहलता सहित अन्य परिजन तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा का संचालन प्रो. प्रभात कुमार ने किया।



Recent Comments