Tuesday, June 2, 2026
HomeUncategorizedपरीक्षा रद्द नहीं की या सीबीआई जांच नहीं की तो फिर होगा...

परीक्षा रद्द नहीं की या सीबीआई जांच नहीं की तो फिर होगा आंदोलन : राम कंड़वाल

-युवाओं ने आयोग की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
-पेपर लीक की सीबीआई जांच जरूरी

देहरादून, यूकेएसएसएससी की 21 सितंबर को संपन्न होने वाली परीक्षा के पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच होगी या नहीं अभी यह सुनिश्चित नहीं है लेकिन इस मामले की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी जिसकी निगरानी का जिम्मा हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज यू.सी. ध्यानी को सौंपा गया है वह जरूर इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए जनसुनवाई कर रहे हैं। हल्द्वानी और टिहरी के बाद आज देहरादून में उनकी जन सुनवाई की अदालत में 13 ऐसे बेरोजगारों ने उनके सामने अपनी बात रखी जो इस परीक्षा में शामिल हुए थे। उनका कहना है कि जब लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही है तो इसकी सीबीआई जांच कराया जाना जरूरी है। उन्होंने आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किये।
बेरोजगार इन युवाओं का साफ कहना था कि यूकेएसएसएससी की तमाम परीक्षाएं होने के बाद विवादों के घेरे में रही हैं तथा लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि खुद आयोग द्वारा परीक्षा से 2-4 दिन पूर्व पेपर के कुछ सवाल बदले जा रहे हैं। ऐसे में आयोग की भूमिका पर संदेह किया जाना लाजमी है। इन युवाओं ने कहा कि आयोग की भूमिका पर संदेह से इसकी विश्वसनीयता संदिग्ध हो गई है। सरकार ने नकल को रोकने के प्रयास जरूर किए हैं, लेकिन सरकार को इसकी सीबीआई जांच से कोई परहेज नहीं होना चाहिए था। आयोग में छात्रों की विश्वास बहाली बहुत जरूरी है। इसलिए आयोग की व्यवस्थाओं को भी बदला जाना चाहिए और इसकी सीबीआई जांच के बिना यह संभव नहीं है।
यहां सर्वे चौक स्थित आईआरडीपी के सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई में सभी के द्वारा इस बात पर एक स्वर से सहमति जताई गई कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य से होने वाले इस खिलवाड़ को किसी भी कीमत पर रोका जाना जरूरी है।
इस जन संवाद कार्यक्रम में मौजूद रहे युवा बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि सरकार ने केंद्र को सीबीआई जांच का प्रतिवेदन भेज दिया गया है। किंतु केंद्र से इसे मंजूरी मिलेगी या नहीं इसे लेकर स्थिति साफ होने तक हमारा आंदोलन स्थगित है और अगर सीबीआई जांच नहीं होती तथा परीक्षा रद्द नहीं की गई तो हम फिर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। यूसी ध्यानी को जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments