हनुमान जी हैं अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता: अवधेशानंद गिरि

हरिद्वार 21 नवम्बर (कुल भूषण शर्मा) भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के परमाध्यक्ष आचार्य म.मं. स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के सानिध्य एवं प्रबंध न्यासी आई.डी. शर्मा शास्त्री के संयोजन में सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ परायण अनुष्ठान प्रारंभ हुआ जिसका शुभारंभ करते हुए भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के परमाध्यक्ष आचार्य म.मं. स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता हैं। हनुमान जी कृपा से भगवान राम की कृपा सहज ही प्राप्त हो जाती है। हनुमान सेवा, समर्पण, भक्ति की पराकाष्ठा है। उनकी आराधना से जहां साधक को अष्ट सिद्धियों और नव निधियों की प्राप्ति होती है वहीं साधना का मार्ग भी प्रशस्त होता है। हनुमान जी की भक्ति से कष्टों व शोक का निवारण होता है।

भारत माता समन्वय सेवा ट्रस्ट के मुख्य न्यासी आई.डी. शर्मा ने कहा कि गुरूदेव समन्वयवादी संत थे और भगवान राम उनके आराध्य देव थे जिनकी पूजा के निमित्त गुरूदेव ने अपने जीवनकाल में अनेक यज्ञ, अनुष्ठान आयोजित किये। उन्हांेेने बताया कि गुरूदेव ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के संकल्प की पूर्ति हेतु गुरूदेव के समाधि स्थल के निकट विप्रजनों के माध्यम से सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन हो रहा है, जिसकी पूर्णाहुति 30 नवम्बर को होगी।

भारत माता मंदिर के श्रीमहंत स्वामी ललितानन्द जी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरूदेव का संकल्प साकार हो रहा है। उनकी समाधि स्थल निर्माण के शिलान्यास से पूर्व सवा लाख हनुमान चालीसा के जाप से निश्चित से यह स्थल शक्ति के केन्द्र के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर विद्वान, विप्रजनों द्वारा 24 घंटे श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। कोरोना महामारी के चलते सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए देश-विदेश में फैले भक्तों को कार्यक्रम का ऑनलाईन प्रसारण किया जा रहा है।