Monday, July 27, 2026
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बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में उत्तराखण्ड के निर्यात हितों की प्रभावी पैरवी, हिमालयी राज्यों के लिए फ्रेट सब्सिडी सहित महत्वपूर्ण सुझाव रखे: भरत सिंह चौधरी

नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आज केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड (Board of Trade) की उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री जीतन राम मांझी और उत्तराखण्ड सरकार की ओर से ग्राम्य विकास, उद्योग एवं संबंधित विभागों के मंत्री  भरत सिंह चौधरी ने प्रतिभाग किया। भरत सिंह चौधरी ने इस अवसर पर राज्य के निर्यात, औद्योगिक विकास तथा हिमालयी राज्यों की विशेष आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाया।

बैठक में विभिन्न राज्यों के मंत्रियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, निर्यात संवर्धन परिषदों (Export Promotion Councils) तथा नवनिर्वाचित गैर-आधिकारिक सदस्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030-31 तक भारत के 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना था।

बैठक को संबोधित करते हुए  भरत सिंह चौधरी ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य में निर्यात आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में निर्यात को सुदृढ़ करने के लिए पंतनगर एवं काशीपुर में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) संचालित हैं, जबकि हरिद्वार में बीएचईएल के सहयोग से एक नए आईसीडी की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त उधमसिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में लगभग 800 एकड़ भूमि पर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी विकसित की जा रही है, जो राज्य के औद्योगिक एवं निर्यात परिदृश्य को नई दिशा प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार की मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाले विनिर्माण उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही उद्योगों एवं निर्यातकों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार प्रभावी कदम उठा रही है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड लगातार राष्ट्रीय रैंकिंग में अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है।

चौधरी ने बैठक में राज्य के ओडीओपी (One District One Product) कार्यक्रम तथा भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पादों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड के 10 ओडीओपी उत्पादों सहित लगभग 20 विशिष्ट उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त है, जिससे उनके निर्यात की व्यापक संभावनाएँ विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष बल दिया जा रहा है तथा प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए “हाउस ऑफ हिमालया” अम्ब्रेला ब्रांड के माध्यम से उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान बना रहे हैं।

बैठक के दौरान भरत सिंह चौधरी ने उत्तराखण्ड सहित सभी हिमालयी राज्यों के हित में दो महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए। उन्होंने भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए पर्वतीय राज्यों के निर्यातकों के लिए फ्रेट सब्सिडी जैसी विशेष योजना लागू करने का प्रस्ताव रखा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने देशभर के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के लिए केंद्रीकृत विपणन एवं ब्रांड प्रमोशन योजना शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे छोटे उत्पादकों, शिल्पकारों एवं उद्यमियों को ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

भरत सिंह चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्यों के समन्वित प्रयासों से भारत वर्ष 2030-31 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा तथा उत्तराखण्ड भी इस राष्ट्रीय अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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