Friday, April 24, 2026
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दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत : जेपी नड्डा

“स्वामी राम हिमालयन विश्वविघालय में 8वां दीक्षांत समारोह”

देहरादून(डोईवाला), स्वामी राम हिमालयन विश्वविघालय के आठवें दीक्षांत समारोह में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि डिग्री के साथ मानवता की सेवा का दायित्व भी संस्थान के साथ जुडा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जॉलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविघालय के आठवें दीक्षांत समारोह में क्रमशः मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न संकायों में डिग्री प्राप्त करने वाले 1001 छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। डिग्री के साथ मानव निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि अमृतकाल के अगले 25 वर्ष विकसित भारत के निर्माण के निर्णायक वर्ष होंगे, जिनमें आज के युवा साक्षी ही नहीं, कर्ताधर्ता भी बनेंगे। प्राप्त शिक्षा का उपयोग मानवता, गरीब और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करने का आह्वान उन्होंने किया। केंद्रीय मंत्री ने विश्वविघालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान मानव सेवा, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

सीएम धामी ने संबोधन करते हुए सभी डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और स्वामी राम हिमालयन विश्वविघालय ने शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड के तीसरे दशक” की अवधारणा के अनुरूप उत्तराखंड में विकास कार्य संपादित किया जा रहे हैं। उन्होंने रिवर्स पलायन, राज्य के जल— जंगल बचाने के लिए लिए गए ठोस निर्णयों, दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क—बिजली—इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच, पर्यटन विकास, एसडीजी रैंकिंग, मत्स्य विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों की से अवगत कराया।
राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड मानव संसाधन से लेकर और संरचनात्मक सभी स्तर पर बेहतर कार्य कर रहा है और केंद्र सरकार से उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में लगातार अनुकरणीय सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने स्वामी राम हिमालयन संस्थान के उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की सराहना की।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने शिक्षा को केवल डिग्री मात्र नहीं बल्कि आत्मज्ञान, सशक्तिकरण और परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य फोकस मानव सेवा और नैतिकता के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।
दीक्षांत समारोह में मेडिकल, एलाइड हेल्थ, नर्सिंग, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, योग विज्ञान एवं बायो—साइंसेज संकायों के 1001 छात्र—छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। 31 विघार्थियों को अकादमिक अवार्ड, 2 छात्रों को स्वामी राम बेस्ट ग्रेजुएट अवार्ड तथा 14 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया। विश्वविघालय को एनएसीसी से ए+ ग्रेड प्राप्त होने के कारण सीडीओई के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम यूजीसी से एंटाइटल्ड हैं, जिससे विघार्थियों को मान्यता प्राप्त गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा मिलेगी। इस मौके पर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक झलक भी प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में विश्वविघालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, प्रबंधन, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विघार्थी उपस्थित रहे।

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