देहरादून। दून में फर्जी ट्रस्ट बनाकर और सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की जमीन खुर्द-बुर्द करने के आरोप में रायपुर थाना पुलिस ने एक भूमाफिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप के निर्देश पर कराई जांच पर केस दर्ज हुआ है। टीएचडीसी कॉलोनी, देहराखास निवासी कमल गुप्ता ने रेंज कार्यालय में तहरीर दी। आरोप लगाया कि गांधीग्राम निवासी पदम सिंह राणा ने एक अधिवक्ता और राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। आरोप है कि पदम सिंह ने इंडियन ओवरसीज पीस फाउंडेशन नाम का फर्जी ट्रस्ट दर्शाकर चक डांडा लखौंड स्थित खसरा नंबर 89 से 92 तक की भूमि की फर्जी रजिस्ट्रियां बनाईं। उन्होंने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो पता लगा कि उप निबंधक कार्यालय में उक्त नंबर पर ऐसी कोई रजिस्ट्री दर्ज नहीं है। आरोप है कि पदम सिंह राणा ने राजस्व अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर या उनसे सांठगांठ कर उक्त भूमि सीधे अपने नाम दाखिल-खारिज करा ली। इसके बाद उसने अवैध रूप से प्लॉटिंग कर उसी जमीन को कई अलग-अलग लोगों को करोड़ों रुपये में बेच दिया। शिकायतकर्ता कमल गुप्ता भी इस जाल में फंसे। अप्रैल 2022 में एक अधिवक्ता के जरिए जमीन के पाक-साफ होने का झांसा देकर 1300 वर्ग गज जमीन का सौदा किया गया और गुप्ता से एक करोड़ रुपये ठग लिए गए। दस्तावेजों की जांच में जब फर्जीवाड़ा सामने आया और गुप्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने केवल 50 लाख रुपये लौटाए। बाकी बचे 50 लाख रुपये मांगने पर अब आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहा है। एसओ रायपुर गिरीश नेगी ने बताया कि पदम सिंह को आरोपी बनाते हुए मामले में धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले में राजस्व कर्मियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।



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