चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
पोखरी विकासखंड के चमेठी स्थित माँ चंडिका मंदिर में मंगलवार को ऐतिहासिक धार्मिक परंपरा के तहत 251 वर्षों बाद माँ चंडिका गर्भगृह से बाहर निकलीं और भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। ब्रह्म गुरु दीपक कुंवर की अगुवाई में सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर यह ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान के साथ ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़े। गर्भगृह से बाहर आने के बाद माँ चंडिका की दिवारा यात्रा का शुभारंभ हुआ।
माँ चंडिका के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। 251 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद माँ चंडिका के गर्भगृह से बाहर आने के अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और गहरी आस्था देखने को मिली। इस ऐतिहासिक आयोजन ने चमेठी सहित आसपास के क्षेत्रों को भक्तिमय बना दिया। यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र की प्राचीन परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन गया है। इस अवसर पर ब्रह्म गुरु दीपक कुंवर ने कहा कि 251 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद चमेठी की माँ चंडिका ब्रह्म स्वरूप में गर्भगृह से बाहर आकर भक्तों को दर्शन दे रही हैं। उन्होंने ऐतिहासिक बन्याथ यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समस्त क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
बन्याथ समिति के अध्यक्ष जगदीश सिंह रावत ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से बन्याथ यात्रा में बढ़-चढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया।माँ चंडिका के दिव्य दर्शनों और दिवारा यात्रा के शुभारंभ से चमेठी सहित आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु इस आयोजन को अपनी आस्था, सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्र की गौरवशाली धार्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं।
इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश सिंह रावत, सचिव भरत सिंह, कोषाध्यक्ष कुंवर सिंह चौधरी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पन्त,महिंदर पंत, मयंक पन्त, हनुवंत सिंह, सत्येंद्र बुटोला, संदीप पंत, अनंतराम भट्ट, विक्रम सिंह, अनुसूया पंत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और माँ चंडिका के भक्त मौजूद रहे।




