रुद्रप्रयाग- एक ओर प्रदेश सरकार राज्य स्थापना की रजत जयंती मना रही हैं तो दूसरी ओर प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य ब्यवस्थाओं के खिलाफ जनता सड़कों पर है। सरकार के मुखिया व उनके मंत्री प्रदेश वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे तो कर रहे है लेकिन स्थिति कितनी दयनीय है कल रुद्रप्रयाग के नगरासू में प्रसव वेदना से तड़फती महिला को अस्पताल ले जाती एंबुलेंस ने बीच रास्ते में ही खराब हो जाने की घटना ये बताने के लिये काफी है।
प्रकरण जनपद के नगरासू क्षेत्र का है यहां आधी रात को अस्पताल ले जाई जा रही गर्भवती की एम्बुलेंस बीच रास्ते में ही खराब हो गयी। मजबूरन महिला को खराब पड़ी एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा गनीमत ये रही कि जच्चा-बच्चा फिलहाल सुरक्षित हैं।
मिली जानकारी के अनुसार भटगाँव नगरासू की एक गर्भवती महिला को देर रात प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने एम्बुलेंस बुलाई और उसे अस्पताल ले जाया जाने लगा लेकिन शिवनंदी के पास खुद अपना इलाज मांग रही एम्बुलेंस खराब हो गई।
महिला दर्द से कराहती रही। दूसरी एम्बुलेंस आने में करीब एक घंटा लग गया। इस बीच एम्बुलेंस में ही प्रसव महिला के प्रसव कराने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं था।
, स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पहाड़ों में आम हो गई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन्हें सुधारने में नाकाम साबित हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ऐसी घटनाओं पर कोई न कोई बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर देता है। लेकिन बड़ा प्रश्न आखिर बदहाल स्वास्थ्य ब्यवस्था को कब
इलाज मिलेगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा राम प्रकाश ने बताया कि जिले के लिए शासन से 20 नई एंबुलेंस की मांग की गई है। वर्तमान में जिले के पास कुल 12 एंबुलेंस हैं, जिनमें से केवल 8 ही संचालित किये जाने की स्थिति में है।



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