Tuesday, June 2, 2026
HomeTrending Nowधार्मिक सिद्ध स्थलों की विराटता को प्रदर्शित करता देवभूमि स्तुतिगान का हुआ...

धार्मिक सिद्ध स्थलों की विराटता को प्रदर्शित करता देवभूमि स्तुतिगान का हुआ भव्य लोकार्पण

नई दिल्ली, पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था(रजि.) द्वारा देवभूमि उत्तराखंड की दिव्यता, वहां के धार्मिक सिद्ध स्थलों की विराटता को प्रदर्शित करता “देवभूमि स्तुतिगान” जो सुमधुर गीत, संगीत और फिल्मांकन के माध्यम से अभिव्यक्त है का भव्य लोकार्पण नोएडा सेक्टर 6 के, एन ई ए ऑडिटोरियम में 29 जून, रविवार को किया गया।
उपस्थित गणमान्य जनों, संस्कृति, कला प्रेमियों के सान्निध्य में “देवभूमि स्तुतिगान” का लोकार्पण नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा द्वारा किया गया।
सुप्रसिद्ध संगीत निर्देशक राजेंद्र चौहान द्वारा निर्मित, संगीतबद्ध यह स्तुतिगान अबू रावत द्वारा निर्देशित,संगीता कुकरेती तथा शुभम् आर्या द्वारा इसकी कोरियोग्राफी की गई है जिसे स्वर दिया है सुप्रसिद्ध गायिका कल्पना चौहान, लोकप्रिय गायक रोहित चौहान तथा शास्त्रीय गायन में प्रवीण हेमा भैसोड़ा द्वारा।
देवभूमि स्तुतिगान के अंतर्गत कर्णप्रिय गीत,संगीत सहित सुमधुर गायकी की गई है जिसपर बाद में मंच पर कुछ ग्रुप्स जिनमें अंजलि भट्ट ग्रुप, यामिनी जोशी ग्रुप, पर्वतीय कला संगम ग्रुप द्वारा सुंदर नृत्य कर समा बांध दिया गया।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती कल्पना चौहान पर एक प्रभावी वृत्तचित्र भी उनके जीवन को दर्शाता प्रदर्शित किया गया जिसमें स्वर और निर्देशन “उत्सव ग्रुप” के संस्थापक प्रसिद्ध रंगकर्मी राकेश भट्ट का है।
इस अवसर पर सभागार में बैठे हर एक व्यक्ति का परिचय अपने अंदाज में करवाते श्री राजेंद्र चौहान की स्मरण शक्ति का भी लोगों को परिचय हुआ।जहां हर उपस्थित जन के नाम और काम से वह परिचित थे और सभी का परिचय मुंह – ज़ुबानी करवा रहे थे।
“महाकौथिग़ स्मारिका” के लोकार्पण,श्रीमती कल्पना चौहान तथा रोहित चौहान के गायन एवं भगवत मनराल की टीम की खूबसूरत संगीतमय प्रस्तुतियों सहित कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। कार्यक्रम का सफल,गरिमामय संचालन प्रसिद्ध नाट्यकर्मी,निर्देशक हेम पंत द्वारा किया गया।“जय उत्तराखंड मातृभूमि बद्री केदार, जय जागेश्वर जय बागेश्वर तेरी जय जयकार…” इन दिव्य और भावनात्मक शब्दों से शुरू होता है देवभूमि स्तुतिगान, जो न केवल एक गीत ही है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं आध्यात्मिक आत्मा का एक संगीतबद्ध चित्रण है।
इस गीत के बोल अत्यंत मधुर, कर्णप्रिय और श्रद्धा से परिपूर्ण हैं, जो श्रोताओं के हृदय में सीधे उतरते हैं। गीत में उत्तराखंड की भूमि को “देवभूमि” के रूप में नमन करते हुए विभिन्न प्रसिद्ध तीर्थस्थलों और देवी-देवताओं की जय-जयकार की गई है, जो इसकी सांस्कृतिक गहराई को और भी सशक्त बनाती है।
वीडियो फिल्मांकन की बात करें तो यह किसी दृश्यात्मक तीर्थयात्रा से कम नहीं। उत्तराखंड की सुरम्य वादियाँ, बर्फ से ढके हुए पर्वत, रंग-बिरंगे फूलों की घाटियाँ और पौराणिक मंदिर – सब मिलकर इस गीत को एक दिव्य अनुभूति प्रदान करते हैं। कैमरे की दृष्टि अत्यंत संवेदनशील और सुंदर है, जो प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों की भव्यता को दर्शकों के सामने जीवंत कर देती है। गीत का संगीत संयोजन भी उल्लेखनीय है। गायन में भावनात्मक गहराई है, जो उत्तराखंड की संस्कृति और श्रद्धा को प्रभावशाली रूप से प्रकट करता है।
निष्कर्ष “देवभूमि स्तुतिगान” न केवल एक सुंदर गीत है, बल्कि यह उत्तराखंड़ की लोकसंस्कृति, भक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य का एक शानदार संगम है। इसे सुनना और देखना दोनों ही एक आध्यात्मिक अनुभव है। यह गीत उत्तराखंड़वासियों के लिए गर्व का विषय है और देश-विदेश में रहने वाले हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा।

उत्तराखंड़ के प्रसिद्ध संगीत निर्देशक राजेन्द्र चौहान द्वारा निर्मित और निर्देशित इस स्तुतिगान ने देवभूमि की धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक गरिमा को संगीत के माध्यम से जीवंत कर दिया। गीत को स्वरबद्ध किया है लोकप्रिय लोकगायक रोहित चौहान और स्वरकोकिला कल्पना चौहान ने, जिनकी सुमधुर आवाज़ों ने समारोह को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और श्रोताओं ने देवभूमि स्तुतिगान को न केवल एक गीत, बल्कि उत्तराखंड़ की आत्मा को अभिव्यक्त करने वाला एक सांस्कृतिक दस्तावेज़ बताया। यह स्तुति नयी पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रभावशाली माध्यम बन सकती है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने कलाकारों और आयोजकों का करतल ध्वनि से स्वागत करते हुए इस प्रयास को ऐतिहासिक बताया। इस अवसर पर कई साहित्यकार, रंगकर्मी, गायक, समाजसेवी व समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कुल मिलाकर श्री राजेंद्र चौहान द्वारा एक और नई पहल और वह भी धमाकेदार। लोक संस्कृति व जन सरोकारों के प्रति हमेशा सजग व तत्पर रहने वाले चौहान परिवार द्वारा इस प्रस्तुति को बहुत सराहा गया।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments