Wednesday, August 26, 2026
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दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण ज्ञान पहुंचाने की पहल

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने मंगलवार को लोक भवन में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी की ओर से विकसित डिजिटल शैक्षणिक मंच ‘मुक्त ज्ञान कोष’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और पूरी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘मुक्त ज्ञान कोष’ केवल डिजिटल मंच नहीं, बल्कि ज्ञान को समाज की शक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
‘मुक्त ज्ञान कोष’ के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को अध्ययन एवं शोध से जुड़ी उपयोगी सामग्री एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें विश्वविद्यालय की ई-पुस्तकों और अध्ययन सामग्री के साथ देश-विदेश के भरोसेमंद शैक्षणिक स्रोतों से जुड़ी सामग्री भी शामिल है। मंच पर शिक्षकों के शोध कार्य, शोध-पत्र, शोध संबंधी डेटा, शोध प्रबंध और विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य ज्ञान सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही अन्य मुक्त शैक्षणिक संसाधनों को खोजने की सुविधा भी दी गई है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस डिजिटल मंच की उपयोगिता और बढ़ जाती है। राज्य के पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री पहुंचाना समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि “पहाड़ में दूरी हो सकती है, लेकिन ज्ञान की पहुंच में दूरी नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि ज्ञान की पहुंच बढ़ने से अवसरों का विस्तार होगा और अवसर मिलने पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा। प्रतिभाओं का विकास उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति देगा। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण ज्ञानवान, कुशल, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिकों से होगा। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश राष्ट्र के भविष्य में निवेश है। ज्ञान युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ देश की विकास यात्रा को भी गति प्रदान करता है।
कार्यक्रम में अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, कुलसचिव खेमराज भट्ट, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एवं आईटी के निदेशक प्रो. जीतेंद्र पांडे, स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज के निदेशक प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट तथा स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन के निदेशक प्रो. राकेश रयाल सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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