देहरादून | आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के 45 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने और संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस (13 मई) के उपलक्ष्य में आज देहरादून चैप्टर द्वारा भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। साधना और सेवा के इस संगम में बड़ी संख्या में शहर के साधकों ने हिस्सा लेकर मानवता के प्रति अपना समर्पण व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुआ। बड़ी संख्या में जुटे अनुयायियों ने सामूहिक गुरु पूजा की और उसके उपरांत बृहद् सुदर्शन क्रिया का अभ्यास किया। ध्यान और मंत्रोच्चारण के माध्यम से साधकों ने विश्व शांति की प्रार्थना की।
आध्यात्मिक सत्र के बाद आर्ट ऑफ लिविंग की टीम ने सुश्री श्वेता गोलानी (अध्यक्ष, गवर्नमेंट एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम) के नेतृत्व में सेवा कार्य को विस्तार दिया। प्रेमनगर के समीप शेरपुर स्थित उत्तराखंड के सबसे बड़े गौसेवा केंद्र में एक विशेष गौसेवा शिविर आयोजित किया गया।
इस दौरान बीमार और घायल गायों के उपचार हेतु लगभग ₹12,000 मूल्य की दवाइयां केंद्र को भेंट की गईं। साथ ही, अनुयायियों के सहयोग से गौमाताओं के लिए पौष्टिक आहार की बड़ी खेप पहुंचाई गई, जिसमें शामिल था:
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5 क्विंटल चारा और 3 क्विंटल भूसा
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150 किलो तरबूज और 15 दर्जन केले
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30 किलो गुड़ और 10 किलो खली
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बड़ी मात्रा में रोटियों की व्यवस्था।
इनकी रही सक्रिय सहभागिता
गौसेवा के इस पुनीत कार्य में 30 से अधिक स्वयंसेवकों ने श्रमदान किया। इस अवसर पर मनोज गुप्ता, ममता गुप्ता, राहुल शर्मा, अभिलाषा, संजय भार्गव, राकेश भारद्वाज, अंशु चोटेला, सीमा, अमन, गीता और मालविका सहित कई अन्य अनुयायी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
“आर्ट ऑफ लिविंग का मूल आधार ही सेवा और साधना है। गुरुदेव के जन्मोत्सव पर गौसेवा के माध्यम से हम समाज में संवेदनशीलता और करुणा का संदेश देना चाहते हैं।”
— सुश्री श्वेता गोलानी, नेतृत्वकर्ता
यह आयोजन देहरादून के नागरिकों के लिए सेवा, साधना और मानवता के प्रति समर्पण का एक प्रेरणादायी उदाहरण रहा।



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