रुद्रप्रयाग – उत्तराखण्ड क्रान्ति दल केन्द्रीय नेतृत्व ने 2027 विधानसभा चुनाव का विगुल फूंक दिया। पहाड़ की जवानी व पहाड़ का पानी पहाड़ के काम आये की अवधारणा को लेकर एक बार फिर दल मैदान में उतरेगा। उत्तराखण्ड व उत्तराखण्ड वासियों की स्पष्ट पहचान बचाने की मुहिम के लिये दल का केन्द्रीय नेतृत्व रुद्रप्रयाग जनपद की केदार घाटी में जुटा।
सुदूर केदारघाटी के स्यालसौड़ चन्द्रापुरी में मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित अंशुल होम स्टै में आज 2027 विधानसभा चुनाव व आगामी कार्यक्रमों की रणनीति को लेकर उत्तराखण्ड ही नही वरन दिल्ली प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से भी उत्तराखण्ड क्रान्ति दल केन्द्रीय कार्यसमिति के सदस्य विशेष बैठक में पहुंचे।
बैठक में संगठन गतिविधियों के साथ साथ आगामी चुनावों की रणनीति पर व्यापक चर्चा हुई। दिन भर चली बैठक के बाद उक्रांद केन्द्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दल में अनुशासन हीनता बर्दास्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती पर जोर देने की बात कहीं। विधान सभा चुनाव तैयारियों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी किसी भी सीट पर कोई अपने आप को प्रत्याशी न समक्षे। प्रत्याशियों का चयन गहन जांच व मंथन के बाद किया जायेगा।
उक्रांद के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी ने स्पष्ट किया कि आज प्रदेश की दयनीय स्थिति के लिये दोनों राष्ट्रीय दल भाजपा कांग्रेस बराबर की दोशी है। 85 प्रतिशत भू-भाग वाले पहाड़ के लोगों के साथ आज तक की सरकारों द्वारा धोखा किया गया है ।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय दलों के 25 वर्षों के कुशासन, भ्रष्टाचार , परीक्षा भर्ती घोटाला, पेपर लीक, प्रदेश में व्याप्त भय भ्रष्टाचार, बालात्कार की घटनाओं से जनता ऊब चुकी है। जनता अब प्रदेश हित में उक्रांद के साथ लामबंद हो रही है। इससे पूर्व कार्यक्रम संयोजक केन्द्रीय महामंत्री देवेन्द्र चमोली ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।
बैठक में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, डा शक्ति शैल कप्रवाण, अध्यक्ष संसदीय बोर्ड चन्द्रशेखर कापड़ी, पूर्व अध्यक्ष पूर्ण सिंह कठैत, अध्यक्ष अनुशासन समिति राकेश सेमवाल, केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ब्यास, जय प्रकाश उपाध्याय, कुंदन विष्ट, शुशील उनियाल, भुवन चन्द्र जोशी, अतुल जैन, महेश उपाध्याय, कर्नल सुनिल कोटनाला, शान्ति प्रसाद भट्ट, उपाध्यक्ष बहादुर रावत, संचालन किरन रावत ने किया।



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