नई दिल्ली, अगर आपको भी गढ़वाली-कुमाउंनी भाषा सीखनी है तो आप उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली द्वारा संचालित भाषा शिक्षण कक्षाओं में भाग लेकर इन भाषाओं को सीख सकते हैं। न्यू अशोक नगर दिल्ली में आयोजित भाषा कार्यशाला संचालन समिति की बैठक डीपीएमआई के चेयरमैन, मंच के संरक्षक डॉ. विनोद बछेती की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
बैठक में तय हुआ कि ग्रीष्मकालीन कक्षाओं का संचालन 24 मई 2026 होगा। इससे पहले 10 मई 2026 को शिक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। साथ ही 17 मई, 2026 को प्रत्येक केंद्र को पाठ्यसामग्री वितरित की जाएगी।
उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के संयोजक दिनेश ध्यानी ने बताया कि मंच वर्ष 2016 से लगातार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तराखण्ड के श्रीनगर, देहरादून, अल्मोड़ा, लोहाघाट में ग्रीष्मकालीन कक्षाओं का संचालन होता है। साथ ही इंग्लैंड में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। श्री ध्यानी ने बताया कि हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति व सरोकारों से जुड़े।
उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली के संरक्षक डाक्टर विनोद बछेती ने बताया कि मंच की ओर से आयोजित ग्रीष्मकालीन कक्षाओं में दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट का सहयोग बराबर रहता है। जब हमारी भाषा बचेगी तभी हमारी पहचान बची रहेगी।
बैठक में दयाल नेगी, रेखा चौहान, दिग्पाल कैंतुरा, गिरीश सत्यबली, राजेश डंडरियाल आदि उपस्थित थे।



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